जंतर-मंतर पर पिछले महीने हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उससे जुड़े पुलिस कार्रवाई के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने का फैसला किया है।

Delhi News : जंतर-मंतर पर पिछले महीने हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उससे जुड़े पुलिस कार्रवाई के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने का फैसला किया है। समिति में सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश, पूर्व सीबीआई निदेशक समेत अन्य अनुभवी लोगों को शामिल किए जाने की संभावना है। समिति प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और पुलिस कार्रवाई की विस्तृत जांच करेगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा कि समिति के गठन को लेकर अंतिम आदेश बुधवार को जारी किया जाएगा। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं। Delhi News
सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि जांच समिति में ऐसे अनुभवी लोगों को शामिल किया जाएगा, जो मामले की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल कर सकें। इसमें सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व न्यायाधीश और पूर्व सीबीआई प्रमुख को जगह दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, समिति के सदस्यों के नाम पर अंतिम फैसला अदालत के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।
पीठ ने संबंधित पक्षों से कहा है कि वे समिति में शामिल किए जाने वाले संभावित सदस्यों के नाम और अपने सुझाव अदालत के समक्ष रखें। इसके आधार पर समिति का स्वरूप तय किया जाएगा। अदालत ने जांच को प्रभावी बनाने के लिए विरोध प्रदर्शन और उसके दौरान हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज समिति को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। फुटेज के आधार पर घटनाक्रम की क्रमवार पड़ताल की जाएगी। इससे प्रदर्शन के दौरान वास्तव में क्या हुआ और पुलिस की कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच में मदद मिलेगी। Delhi News
सुप्रीम कोर्ट ने महिला प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों को भी जांच के दायरे में रखा है। अदालत ने उन शिकायतों की पड़ताल करने को कहा है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर विरोध मार्च के दौरान कुछ महिला प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर निशाना बनाया गया। जांच समिति इन शिकायतों और आरोपों की भी समीक्षा करेगी तथा अपनी रिपोर्ट में इससे जुड़े तथ्यों को शामिल करेगी। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि समिति के गठन और उसके सदस्यों को लेकर अंतिम निर्णय बुधवार को जारी होने वाले आदेश में किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट का जोर ऐसी समिति बनाने पर है, जो मामले के सभी पहलुओं की स्वतंत्र रूप से जांच कर सके। Delhi News
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