‘फर्जी बाबा’ चैतन्यानंद सरस्वती को लेकर हुआ सबसे बड़ा खुलासा, हिली दिल्ली पुलिस
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 10:46 AM
दिल्ली पुलिस द्वारा यौन शोषण मामले में गिरफ्तार किए गए स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ अब फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके पास से दो फर्जी इंटरनेशनल विजिटिंग कार्ड और पहचान पत्र बरामद किए हैं जिनमें बाबा ने खुद को संयुक्त राष्ट्र (UN) और BRICS देशों के प्रतिनिधि के तौर पर पेश किया था। पुलिस अब उसकी अन्य गतिविधियों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है। Swami Chaitanyanand
UN और BRICS में खास पदों का दावा
पुलिस के मुताबिक, बाबा के पास से जो विजिटिंग कार्ड मिले हैं उनमें एक कार्ड में उसने खुद को UN का ‘Permanent Ambassador’ (स्थायी राजदूत) बताया है। यह कार्ड इतने प्रोफेशनल ढंग से डिजाइन किया गया था कि कोई भी पहली नजर में धोखा खा जाए। वहीं दूसरे कार्ड में स्वामी चैतन्यानंद ने खुद को BRICS देशों की संयुक्त आयोग का सदस्य और भारत का 'Special Envoy' बताया है। पुलिस का कहना है कि वह इन कार्ड्स का इस्तेमाल लोगों पर रौब झाड़ने और खुद को प्रभावशाली बताने के लिए करता था।
फर्जी पदवी के दम पर लोगों को करता था प्रभावित
जांच में पता चला है कि बाबा इन फर्जी अंतरराष्ट्रीय पहचान पत्रों के जरिए राजनीतिक और सामाजिक पहुंच बनाने की कोशिश करता था। वह खुद को एक आध्यात्मिक गुरु के रूप में पेश कर लोगों के बीच भरोसा बनाता और फिर इन झूठे दावों के सहारे अपना प्रभाव जमाता था। पुलिस का कहना है कि इन कार्ड्स के दम पर वह आम लोगों के साथ-साथ कुछ प्रभावशाली लोगों तक भी पहुंच बनाने की कोशिश में था।
पहले से दर्ज थीं कई शिकायतें
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ पहले से कई शिकायतें दर्ज थीं। इनमें कहा गया था कि वह झूठे दावों और फर्जी पहचान के आधार पर लोगों का विश्वास जीतकर फायदा उठाता है। अब पुलिस की जांच का दायरा बढ़ाया गया है और उसके करीबी सहयोगियों और अनुयायियों को भी पूछताछ के दायरे में लाया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि क्या स्वामी चैतन्यानंद ने इन फर्जी अंतरराष्ट्रीय पदवियों के दम पर किसी प्रकार का आर्थिक, राजनीतिक या कानूनी लाभ उठाने की कोशिश की थी। इस मामले में फॉरेंसिक और डिजिटल सबूतों की जांच भी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए किन-किन संस्थानों और लोगों को गुमराह किया गया।
गिरफ्तारी से पहले बाबा आगरा में फरार होने की कोशिश कर रहा था जिसका एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इस फुटेज में बाबा को बैग लेकर भागते हुए देखा गया है। पुलिस ने बताया कि बाबा गिरफ्तारी के समय अपना ठिकाना बदलने की फिराक में था लेकिन उसे समय रहते पकड़ लिया गया। Swami Chaitanyanand