आखिर कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को किन परिस्थितियों में नियमित जमानत दी और अंतरिम जमानत के दौरान उन पर कौन-कौन सी शर्तें लगाई गई थीं ? जंतर-मंतर मारपीट मामले से जुड़े पूरे घटनाक्रम और स्वतंत्र भारद्वाज को मिली कानूनी राहत की पूरी जानकारी जानिए चेतना मंच की इस रिपोर्ट में।

Delhi News : दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने भारद्वाज को अब नियमित जमानत दे दी है। इससे पहले कोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी और इस अवधि के दौरान उनके आचरण पर नजर रखने के निर्देश दिए थे। मामले में कोर्ट ने अंतरिम जमानत देते समय स्वतंत्र भारद्वाज पर कई शर्तें भी लगाई थीं। इनमें सोशल मीडिया या किसी अन्य सार्वजनिक मंच पर मामले, अपने बचाव अथवा शिकायतकर्ता के परिवार से संबंधित पोस्ट या चर्चा नहीं करने की शर्त प्रमुख थी। Delhi News
यह पूरा मामला 23 जून को जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट की गई थी। मामले को लेकर बाद में पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध भी हुआ। स्वतंत्र भारद्वाज को 4 सितंबर को बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई उस समय हुई जब वह कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तारी की मांग को लेकर संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर विरोध-प्रदर्शन करने के कुछ घंटे बाद बुलंदशहर पहुंचे थे। Delhi News
मामले ने उस समय और तूल पकड़ा जब स्वतंत्र भारद्वाज ने एक इंटरव्यू में कथित तौर पर दावा किया कि 23 जून के प्रदर्शन के दौरान उन्होंने छात्रा के पिता के सिर पर हमला किया था। उन्होंने अपने राजनीतिक संपर्कों के कारण गिरफ्तारी से बचे होने का भी दावा किया था। Delhi News
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