तरुण मित्र परिषद के स्वर्ण जयंती वर्ष समारोह के अवसर पर आज प्यारेलाल भवन, आईटीओ, नई दिल्ली में एक प्रेरणादायक, गरिमामय एवं सेवा-भाव से परिपूर्ण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए परिषद के संस्थापक एवं वर्तमान अध्यक्ष अशोक कुमार जैन ने परिषद की पाँच दशकों से अधिक की समाजसेवी यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ सेवा, दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयास ही तरुण मित्र परिषद की निरंतर प्रगति और समाज में उसके प्रभाव का मूल आधार रहे हैं।
परिषद के महासचिव एवं निगम पार्षद मनोज कुमार जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वर्ण जयंती वर्ष के अंतर्गत परिषद द्वारा 500 से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप, सहायक पाठ्य-पुस्तकें, स्टेशनरी सामग्री एवं ट्रैक सूट प्रदान किए गए हैं। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने आगे बताया कि इस वर्ष परिषद ने एक नई और सराहनीय पहल करते हुए प्रत्येक विद्यार्थी को ₹50,000 की मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी उपहार स्वरूप प्रदान की है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त, दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग एवं पोलियो कैलिपर्स वितरित किए गए, वहीं जरूरतमंद महिलाओं को बैटरी संचालित इलेक्ट्रिक सिलाई मशीनें प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया।
अपने संबोधन में माननीय महापौर राजा इकबाल सिंह ने तरुण मित्र परिषद के सेवा कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि समाजसेवी संस्थाओं के सक्रिय सहयोग के बिना किसी भी सरकारी प्रयास की पूर्णता संभव नहीं है। उन्होंने बच्चों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु परिषद द्वारा किए जा रहे कार्यों के लिए हार्दिक बधाई दी तथा भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में मनोज मैदिरत्ता (संस्थापक, मै. जीवन पब्लिशिंग हाउस), अल्का राघव (निगम पार्षद), परिषद की संरक्षिका सुधा गुप्ता तथा धर्मपाल–सत्यपाल चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने परिषद की सेवा-प्रधान पहलों की सराहना करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने के प्रयासों को अनुकरणीय बताया। समारोह का समापन समाजसेवा के संकल्प और मानव कल्याण की भावना को आगे बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ।