पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास स्थित इलाके में देर रात अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद भीड़ ने कानून व्यवस्था भंग करने की कोशिश की। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। एमसीडी की कार्रवाई के दौरान पत्थरबाजी और हंगामे की घटना सामने आई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में अब तक करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की 8 धाराओं और PDPP एक्ट 1984 के तहत FIR दर्ज की है। प्रत्येक धारा में सजा का प्रावधान इस प्रकार है—
यदि कोई व्यक्ति किसी सरकारी कर्मचारी को उसके वैध कार्य से बल, धमकी या अवैध तरीके से रोकता है।
सजा: 5 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों।
ड्यूटी पर तैनात पुलिस या सरकारी कर्मचारी पर हमला करना।
सजा: 2 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों।
सरकारी कर्मचारी को गंभीर चोट पहुंचाने की नीयत से हिंसा।
सजा: 3 महीने की जेल या 2500 रुपये जुर्माना या दोनों।
सजा: 2 साल तक की जेल या जुर्माना।
न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने के इरादे से झूठा साक्ष्य देना।
सजा: 5 साल तक की जेल या जुर्माना।
कानून व्यवस्था भंग करने के इरादे से भीड़ जुटाना।
सजा: 3 महीने की जेल या 2500 रुपये जुर्माना या दोनों।
यदि अपराध भीड़ द्वारा किया गया हो, तो सभी आरोपी समान रूप से दोषी माने जाएंगे।
सजा: धारा 191 के समान।
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना।
सजा: अपराध की गंभीरता के अनुसार 6 महीने से लेकर 10 साल तक की जेल।
बता दें कि पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज और वीडियो क्लिप के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। स्थिति पर नजर रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील की गई है।