दिल्ली के कालिंदी कुंज में यमुना नदी पर फिर सफेद झाग दिखाई दिया। 2 नवंबर को अधिकारियों ने सफाई अभियान शुरू किया। जानिए झाग बनने की वजह और यमुना की सफाई का प्लान।

Delhi News : देश की राजधानी दिल्ली में यमुना नदी के प्रदूषण की समस्या एक बार फिर सामने आई है। दक्षिण-पूर्व दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में यमुना नदी की सतह पर सफेद झाग की मोटी परत दिखाई दी है। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को नदी में झाग नजर आने के बाद अधिकारियों ने इसे हटाने के लिए सफाई अभियान शुरू कर दिया। सर्दियों की शुरुआत के साथ यमुना में झाग की समस्या दोबारा सामने आने से नदी की स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों पर सवाल उठने लगे हैं। यमुना नदी दिल्ली-एनसीआर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके पानी में प्रदूषण बढ़ने से जलीय पारिस्थितिकी और नदी के आसपास रहने वाले लोगों की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
दक्षिण-पूर्व दिल्ली के कालिंदी कुंज में यमुना नदी की सतह पर सफेद झाग तैरता दिखाई दिया। नदी के एक हिस्से में झाग की मोटी परत जमा होने के बाद संबंधित अधिकारियों ने सफाई का काम शुरू कराया है। सर्दियों के मौसम में यमुना में इस तरह का झाग दिखाई देना कोई नई समस्या नहीं है। हर साल प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ नदी की सतह पर सफेद झाग की परत नजर आने लगती है। इस बार भी नवंबर की शुरुआत में ऐसी स्थिति सामने आई है। Delhi News
यमुना की सफाई के लिए दिल्ली में हजारों करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाएं नदी के पुनरुद्धार और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी हैं। इसके बावजूद नदी में सफेद झाग दिखाई देना इन प्रयासों की प्रभावशीलता को लेकर सवाल खड़े करता है। फिलहाल दिल्ली जल बोर्ड और संबंधित अधिकारी झाग हटाने के लिए अस्थायी उपाय कर रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक केवल सतह पर जमा झाग हटाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए प्रदूषण के मूल स्रोतों पर नियंत्रण जरूरी है। Delhi News
विशेषज्ञों के अनुसार, यमुना में झाग बनने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। इनमें घरेलू सीवेज, डिटर्जेंट और औद्योगिक अपशिष्ट से आने वाले सर्फेक्टेंट्स प्रमुख हैं। इसके अलावा नदी में पानी का तेज बहाव, बैराज के आसपास पानी की मथनी और कम तापमान भी झाग बनने की प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकते हैं।
जब प्रदूषित पानी में मौजूद रासायनिक तत्व हवा के संपर्क में आते हैं और पानी में हलचल होती है, तो सतह पर झाग बनने लगता है। यही वजह है कि सर्दियों में यमुना के कुछ हिस्सों में सफेद झाग की समस्या अधिक दिखाई देती है। Delhi News
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