विज्ञापन
सेना को जल्द ही नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम) को देश का अगला थल सेनाध्यक्ष (चीफ आफ द आर्मी स्टाफ) नियुक्त करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

New Delhi News : भारतीय सेना को जल्द ही नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम) को देश का अगला थल सेनाध्यक्ष (चीफ आफ द आर्मी स्टाफ) नियुक्त करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ नियुक्तियों पर सेवाएं दी हैं। उत्कृष्ट सैन्य योगदान के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम), उत्तम युद्ध सेवा पदक (यूवाईएसएम) और अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) जैसे प्रतिष्ठित सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद जारी अधिसूचना के अनुसार, वह 30 जून 2026 को वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे। नियुक्ति आदेश के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ 31 अगस्त 2028 तक भारतीय सेना का नेतृत्व करेंगे।
New Delhi News
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि राष्ट्रपति ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को जनरल के पद पर पदोन्नत करते हुए भारतीय सेना का नया प्रमुख नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्यजीत मोहंती के हस्ताक्षर से जारी पत्र सभी संबंधित विभागों और सैन्य प्रतिष्ठानों को भेज दिया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
New Delhi News
वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी 30 जून 2026 को अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद उसी दिन लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ औपचारिक रूप से सेना प्रमुख का पदभार ग्रहण करेंगे। भारतीय सेना में नेतृत्व परिवर्तन की यह प्रक्रिया तय परंपराओं और वरिष्ठता के आधार पर पूरी की जा रही है।
New Delhi News
देश की सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए नए थल सेनाध्यक्ष के सामने सीमाई सुरक्षा, सैन्य आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने और भविष्य की युद्ध रणनीतियों को मजबूत करने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी। इसके अलावा सेना में तकनीकी बदलाव, आधुनिक हथियार प्रणालियों का समावेश और संयुक्त सैन्य अभियानों की क्षमता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान देना होगाNew Delhi News।
विज्ञापन