
Delhi Assembly Election: दिल्ली विधानसभा के चुनाव शुरू होने से पहले ही दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। दिल्ली विधानसभा के चुनाव फरवरी या मार्च में होंगे। चुनाव आयोग दिल्ली में विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है। इस बीच ज्यादातर राजनीतिक दलों ने दिल्ली की जनता को लुभावने वायदे तथा आकर्षक नारे देने शुरू कर दिए हैं। इन्हीं वायदों तथा नारों के बीच दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंदिरों के पुजारियों तथा गुरूद्वारों के ग्रंथियों के लिए पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना की घोषणा कर दी है। सवाल यह है कि क्या लुभावने वायदे तथा नारे दिल्ली के दिल में उतर पाएंगे।
दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर किए जा रहे लुभावने वायदे तथा घोषणाओं को लेकर चुनावी विश्लेषक खूब सवाल उठा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या लुभावने वायदों तथा नारों से दिल्ली की जनता का दिल जीता जा सकता है? क्या केवल लुभावने वायदे तथा नारे ही दिल्ली में किसी एक दल को बहुमत दिलवा सकते हैं? इन सवालों का जवाब अभी किसी के पास नहीं है। ज्यादातर विश्लेषकों का मत है कि दिल्ली विधानसभा के चुनाव में वही पार्टी जीतेगी जिसकी चुनावी रणनीति तथा प्रत्याशियों के नाम जनता को सबसे ज्यादा प्रभावित करेंगे। साथ ही जातीय तथा धार्मिक समीकरण भी हार-जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। Delhi Assembly Election