UPRTOU ने 53 कोर्स किए बंद, अब सिर्फ 70 में ही मिलेगा दाखिले का मौका!
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 12:55 AM
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (UPRTOU) ने इस बार बड़ा शैक्षणिक निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय ने ऐसे 53 पाठ्यक्रमों को बंद कर दिया है जिनमें विद्यार्थियों की संख्या दस से भी कम थी। पहले कुल 123 कोर्स संचालित किए जा रहे थे, लेकिन जुलाई सत्र 2025 के लिए अब केवल 70 प्रमुख कोर्सों में ही दाखिला लिया गया है।
कम छात्रों वाले कोर्स हुए बंद
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह फैसला बदलते शैक्षणिक रुझानों और विद्यार्थियों की वास्तविक मांग को ध्यान में रखकर लिया गया है। जिन कोर्सों में नामांकन बहुत कम हो रहा था, उन्हें अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इनमें बीएससी ह्यूमन न्यूट्रीशन, एमएससी फूड एंड न्यूट्रीशन, एमएससी बायोकेमिस्ट्री जैसे विषय शामिल हैं।
राजभवन के निर्देश पर पहले चरण में 44 पाठ्यक्रम बंद किए गए थे, जबकि हाल ही में नौ और पाठ्यक्रमों में प्रवेश रोक दिया गया।
उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में कदम
कुलपति प्रो. सत्यकाम ने बताया कि यह निर्णय उच्च शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और संसाधनों के कुशल उपयोग के उद्देश्य से लिया गया है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय अब ऐसे कोर्सों पर ध्यान देगा जो रोजगारपरक हों और विद्यार्थियों को नए युग की चुनौतियों के लिए तैयार करें।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप नए कोर्सों की शुरुआत
बंद किए गए कोर्सों के साथ-साथ विश्वविद्यालय ने कई नए विषयों की भी शुरुआत की है। जुलाई सत्र 2025 में एमए अर्थशास्त्र, एमए योगा, एमएससी पर्यावरण और एमएससी गणित में प्रवेश शुरू किए गए हैं।
नई शिक्षा नीति के तहत ‘कुम्भ अध्ययन’, ‘गीता दर्शन’, ‘कर्मकांड’ और ‘आरएसएस परिचय’ जैसे पाठ्यक्रमों की भी शुरुआत की गई है। इसके अलावा संग्रहालय अध्ययन में डिप्लोमा जनवरी 2026 से शुरू किया जाएगा।
भविष्य की दिशा, रोजगार और कौशल आधारित शिक्षा
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि विद्यार्थियों को सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि ऐसे कौशल भी मिलने चाहिए जिनसे उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलें। इसलिए अब फोकस ऐसे कोर्सों पर रहेगा जो आधुनिक समय की जरूरतों से जुड़े हों और विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करें।
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