ये अनसुना शहर है उत्तर प्रदेश की 'जूता नगरी', देशभर में है जबरदस्त डिमांड
भारत
चेतना मंच
18 Aug 2025 02:54 PM
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में हर शहर की अपनी अलग पहचान है कहीं की मिठाइयां मशहूर हैं तो कहीं की शिल्प कला। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश का 'जूता नगरी' कहलाने वाला शहर कानपुर नहीं बल्कि बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले का सुमेरपुर है? Uttar Pradesh News
वर्षों पुरानी परंपरा
सुमेरपुर की पहचान उसकी हाथ से तैयार की गई जूतियों से है। यहां मशीनों की जगह आज भी परंपरागत तरीके से कारीगर अपने हाथों से चमड़े और कपड़े की जूतियां बनाते हैं। इन जूतियों की मजबूती और टिकाऊपन इतनी खास है कि यह देश के बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु तक सप्लाई की जाती हैं। सुमेरपुर में जूतियों के निर्माण की परंपरा दशकों पुरानी है। यहां के कारीगर पीढ़ियों से इस हुनर को सहेज रहे हैं। यही वजह है कि आज भी यहां बने जूते मार्केट में टिकते हैं और उनकी डिमांड बनी रहती है। चमड़े के साथ-साथ कपड़े की जूतियां भी बड़ी संख्या में तैयार की जाती हैं।
ओडीओपी योजना में हमीरपुर की पहचान
2018 में योगी सरकार द्वारा शुरू की गई ODOP (One District One Product) योजना के तहत हमीरपुर को जूतों के उत्पादन के लिए चुना गया है। इसका मकसद हर जिले के खास उत्पाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। अब हमीरपुर को 'जूता नगरी' का दर्जा मिलना कोई संयोग नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत और परंपरा का परिणाम है।
हमीरपुर जिले की भौगोलिक स्थिति भी खास है। यमुना और बेतवा नदी के संगम पर बसा यह शहर प्राकृतिक दृष्टि से भी समृद्ध है। यह इलाका चित्रकूट मंडल के अंतर्गत आता है और यहां की तहसीलें हमीरपुर, मौदहा, राठ और सरीला अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए जानी जाती हैं। Uttar Pradesh News