क्या होता है Blood Moon? क्यों इसे देखने के लिए तरसती है सैकड़ों अखियां
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 08:48 PM
7 से 8 सितंबर 2025 की रात आसमान में एक बेहद खास खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। भारत समेत एशिया के कई हिस्सों में करीब 82 मिनट तक चांद खून जैसा गहरा लाल रंग लिए नजर आएगा। इस अनोखे नजारे को ‘ब्लड मून’ या ‘रक्त चंद्रग्रहण’ कहा जाता है, जो बिना दूरबीन या किसी उपकरण के भी नंगी आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। Blood Moon
Blood Moon क्या है और क्यों खास है?
ब्लड मून तब बनता है जब पृथ्वी, सूर्य और चांद के बीच आ जाती है और सूर्य की सीधी किरणें चांद तक नहीं पहुंच पातीं। पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरती हुई रोशनी चांद पर लाल-नारंगी रंग बिखेर देती है जिससे पूरा चांद एक खूबसूरत खून जैसा लाल रंग में दिखाई देता है। इस साल का यह दूसरा पूर्ण चंद्रग्रहण है और खास बात यह है कि यह ‘हार्वेस्ट मून’ यानी शरद विषुव के सबसे नजदीकी पूर्णिमा के साथ हो रहा है। साथ ही, यह ग्रहण चांद के पेरिजी पृथ्वी के सबसे करीब आने वाले बिंदु के कुछ दिन पहले होगा जिससे चांद सामान्य से बड़ा और चमकदार दिखाई देगा।
भारत में कब और कहां देखें ब्लड मून?
नासा की जानकारी के मुताबिक, यह खून जैसा लाल चांद एशिया, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कई हिस्सों में साफ दिखाई देगा। भारत में इसे रात 11 बजे से 12:22 बजे के बीच देखा जा सकेगा। लगभग 82 मिनट तक चांद का यह लाल रंग बना रहेगा जो दर्शकों के लिए यादगार पल होगा। चीन, जापान, थाईलैंड और ईरान जैसे देशों में भी इस खूबसूरत दृश्य का आनंद लिया जा सकेगा।
इस अद्भुत खगोलीय घटना को नंगी आंखों से भी आसानी से देखा जा सकता है। बेहतर अनुभव के लिए शहर की रोशनी से दूर किसी खुले और साफ आसमान वाले स्थान पर जाएं। अगर आपके पास दूरबीन या बाइनाकुलर है तो चांद की सतह के रंग और बनावट को और भी करीब से देख सकते हैं। साफ मौसम और खुला आसमान देखने के लिए जरूरी हैं। सोशल मीडिया पर पहले से ही इस ब्लड मून को लेकर चर्चा जोरों पर है। खगोल प्रेमी इसे एक अनमोल अवसर मान रहे हैं तो कई लोग इसे ईश्वरीय चमत्कार की तरह देख रहे हैं। इस खगोलीय नजारे को मिस न करें, क्योंकि यह साल में सिर्फ दो बार ही होता है और आपके लिए एक यादगार अनुभव साबित हो सकता है। Blood Moon