Asha Bhosle Birthday Special- सुरों की मल्लिका आशा भोसले की 16 की उम्र में हो गई थी शादी
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 02:23 PM
Asha Bhosle Birthday Special- हम सभी की फेवरेट सिंगर आशा भोसले का आज 89वां जन्मदिन है। उनका जन्म 8 सितंबर, 1933 में सांगली में हुआ था। छोटी सी उम्र में ही इनके पिता दीनानाथ का निधन हो गया था। जिसकी वजह से आशा जी को अपनी बहन लता मंगेशकर के साथ गाना गाना पड़ता था। दोनों ही बहनों ने कम उम्र से ही सिंगिंग करना शुरू कर दिया था और धीरे- धीरे लोगों ने इनकी आवाज़ को इतना पसंद किया कि आज इन्हें सुरों की मल्लिका के नाम से जाना जाता है।
गणपत राव से हुई पहली शादी-
आशा (Asha Bhosle) ने बहुत कम उम्र में गणपत राव से शादी की थी। वो महज 16 साल की थीं जब उनकी शादी हुई। वहीं गणपत उस समय 30 साल के थे। ऐसा कहा जाता है कि जब दोनों की शादी हुई उसके बाद उनका परिवार उनसे बहुत नाराज रहा और काफी दिनों तक परिवार ने आशा जी को एक्सेप्ट नहीं किया था। खैर शादी के बाद ही इन्होंने प्लेबैक सिंगिंग करना शुरू किया था। आशा और गणपत का रिश्ता 11 साल ही टिक पाया। फिर जब आशा तीसरी बार प्रेग्नेंट हुई तो वो अपने पति को छोड़कर अपनी बहन के घर आ गईं। फिर बाद में दोनों का तलाक भी हो गया। गणपत से अलग होने के बाद आशा ओपी नायर के साथ रिलेशनशिप में रहीं। दोनों करीब 14 सालों तक साथ रहे लेकिन फिर अचानक दोनों ने एक दूसरे से अलग होने का फैसला ले लिया।
आर डी बर्मन से हुई दूसरी शादी-
जब आशा का रिलेशन खत्म हुआ तो फिर उनकी ज़िंदगी में आर डी बर्मन की एंट्री हुई। आशा और बर्मन (Asha Bhosle and RD Burman) की शादी 1980 में हुई। आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि बर्मन और आशा दोनों की ही ये दूसरी शादी थी। आशा ने जब बर्मन जी से शादी की तो 47 साल की थीं। बर्मन दा आशा से काफी छोटे थे। दोनों ने मिलकर बहुत सारे गाने गाए।
ग्रैमी अवार्ड के लिए हो चुकी हैं नॉमिनेट-
आप सभी को जानकर हैरानी होगी कि आशा को सिंगिंग में करियर बनाने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ी थी। उन्हें बड़े बड़े सिंगर्स जो गाने नहीं गाते थे, वो गाने का मौका मिलता था। और आज उसी के दम पर आशा इतनी बड़ी सिंगर बन चुकी हैं। आशा के सुरों में तो मानो जादू है जो सबको अपनी ओर खींच लेता है। ये पहली ऐसी इंडियन सिंगर रही हैं जिन्हें ग्रैमी अवार्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था। इसी के साथ इन्हें 2000 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार और 2008 में पद्म भूषण से नवाजा गया है। इन्होंने हिंदी सहित तमिल, मलयालम, अंग्रेजी, रूसी, मराठी, बंगाली, पंजाबी आदि भाषाओं में भी गाने गाए हैं और हम सबका दिल जीता है।