
Pathan Movie Controversy : महेश कुमार शिवा
बॉलीवुड के सुपर स्टार शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म 'पठान' सिल्वर स्क्रीन पर रिलीज होने वाली है। लेकिन, उससे पहले इस फिल्म के एक गीत 'बेशर्म रंग' को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है। कहा जा रहा है कि इस गीत में अदाकारा दीपिका पादुकोण ने भगवा रंग की बिकिनी पहनी है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। हिन्दू धर्म के झंडाबरदार अब 'बेशर्म रंग' में बिकिनी का रंग बदलने की मांग कर रहे हैं।
आइये हम आपको बताते हैं रंगों की धार्मिक कहानी। आपने बारिश के दिनों में आसमान में 'इंद्रधनुष' तो देखा ही होगा। उसमें शामिल सात रंगों का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। माना जाता है कि इन्हीं सात रंगों से असंख्य रंगों की उत्पत्ति होती है। यानि रंग कोई सा भी हो, हर रंग का हिन्दू धर्म और देवी देवताओं से संबंध है। पौराणिक ग्रंथों में प्रत्येक रंग का कनेक्शन किसी न किसी देवी देवता से है। अब यदि ज्योतिषीय नजरिये से देखें तो हिन्दू मान्यताओं के मुताबिक कुल नौ ग्रह हैं और प्रत्येक ग्रह का अपना अलग रंग है और उनका जुड़ाव हमारे देवी देवताओं से है। इतना ही नहीं, प्रत्येक ग्रह का हर व्यक्ति से किसी न किसी रूप में संबंध है। अब जानते हैं कि कौन से ग्रह का कौन सा रंग है, उसका किस देवी—देवता से संबंध है और इसका मानव जीवन पर क्या असर पड़ता है।
1. सबसे पहले बात करते हैं नवग्रहों के राजा सूर्य देव की। सूर्य देव का वर्ण पूरी तरह से रक्त वर्ण है, यानि कि गहरा लाल। इनका दिन रविवार है।
2. सूर्य देव के बाद नवग्रहों में चंद्र देव का नाम लिया जाता है। चंद्रदेव का वर्ण श्वेत, यानि सफेद है और इनका दिन सोमवार है।
3. मंगल ग्रह मानव को साहस प्रदान करता है और इनका वर्ण भी लाल है। यह दिन मंगलवार है।
4. बुध बुद्धि और कारोबार के कारक ग्रह हैं। इनका रंग हरा है और इनका दिन बुधवार है।
5. गुरु बृहस्पति का रंग पीला है। इनका दिन गुरुवार या बृहस्पतिवार है।
6. शुक्र ग्रह का वर्ण श्वेत यानि सफेद है। इनका दिन शुक्रवार है। शुक ग्रह को गुलाबी रंग भी बेहद पसंद है।
7. शनिदेव से संबंधित रंगा काला और नीला है। इनका दिन शनिवार है।
8. राहु ग्रह मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। राहु से नीले और काले रंग का संबंध है।
9. केतु ग्रह का रंग चमकीला होता है, लेकिन ज्योतिष में इसका रंग है चितकबरा अर्थात काला और सफेद माना गया है।
जिस तरह से हर ग्रह का संबंध किसी न किसी रंग से है। उसी प्रकार देवी देवताओं का भी संबंध भी उन रंगों से है। यहां इस बात का उल्लेख जरूरी है कि 'इंद्रधनुष' और ग्रहों के मूल रंगों में 'भगवा रंग' का कहीं भी वर्णन नहीं है। भगवा रंग को साधु संतों ने अपनी पहचान के लिए अपनाया है। फिर भी सच तो यही है कि कोई भी रंग किसी का 'ट्रेडमार्क' नहीं है। कोई भी रंग, किसी भी समय कोई भी धारण कर सकता है। धर्म के अनुसार उसमें किसी प्रकार का निषेध या पाबंदी नहीं है।
'पठान' में 'बेशर्म रंग' पर विवाद सियासत के अलावा कुछ भी नहीं है। धर्म के झंडाबरदारों ने इसे बेवजह विवादित बना दिया है। कपड़ों के रंगों पर विवाद और फसाद करने वालों ने क्या कभी अंत:वस्त्रों पर कोई मत जाहिर किया है? शायद नहीं। इसलिए कि वह दिखता नहीं है। यह सच है कि बाजार में कई ऐसे रंगों के अंत:वस्त्र उपलब्ध हैं, जो विवादित हो सकते हैं।
बॉलीवुड की फिल्मों पर विवाद कोई नया नहीं है। पहले भी कई फिल्मों पर विवाद हुए हैं। लेकिन, परिणाम के तौर पर उस फिल्म के बॉक्स आफिस पर जोरदार कमाई के रूप में ही देखा गया है। यानि फिल्मों पर विवाद के पीछे बेहतर कारोबार की रणनीति से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। सच तो यही है कि कौन किस रंगा का कपड़ा पहनेगा, इसे तय करने का अधिकार किसी दूसरे को नहीं होना चाहिए। इसलिए कि हर रंग भगवान का है और हर रंग कुछ कहता है।