बॉलीवुड अभिनेत्री का बयान बना चर्चा, सामने आई नई किताब
‘साहब, बीवी और गैंगस्टर’, ‘रॉकस्टार’ और ‘लाल रंग’ जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुकीं श्रेया नारायण ने बताया कि वह इस किताब को पढ़ने वालों में सबसे पहली हैं। उन्होंने कहा कि यह देश की हर लड़की से जुड़ी एक बेहद ज़रूरी कहानी है।

Bollywood News : बॉलीवुड अभिनेत्री श्रेया नारायण के एक छोटे से बयान — “उसने बुलाया था” — ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। इंस्टाग्राम पर जारी वीडियो को लेकर फैंस और यूज़र्स यह जानने को उत्सुक हो गए कि आखिर श्रेया किसका ज़िक्र कर रही हैं। हालांकि, कुछ ही समय में इस रहस्य से पर्दा उठ गया। दरअसल, यह बयान किसी व्यक्ति से जुड़ा नहीं, बल्कि लेखक-पत्रकार पीयूष पांडे की नई क्राइम फिक्शन किताब ‘उसने बुलाया था’ के प्रमोशन का हिस्सा था। वीडियो के अगले हिस्से में यह साफ हो गया कि श्रेया इस उपन्यास की ओर इशारा कर रही थीं।
“हर लड़की से जुड़ी ज़रूरी कहानी”
‘साहब, बीवी और गैंगस्टर’, ‘रॉकस्टार’ और ‘लाल रंग’ जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुकीं श्रेया नारायण ने बताया कि वह इस किताब को पढ़ने वालों में सबसे पहली हैं। उन्होंने कहा कि यह देश की हर लड़की से जुड़ी एक बेहद ज़रूरी कहानी है। यह सिर्फ क्राइम फिक्शन नहीं, बल्कि सोचने पर मजबूर करने वाला उपन्यास है। श्रेया ने माना कि लोगों की उत्सुकता बढ़ाने के लिए उन्होंने वीडियो को जानबूझकर सनसनीखेज अंदाज़ में प्रस्तुत किया।
मनोविज्ञान और अपराध का अनोखा मेल
‘उसने बुलाया था’ एक ऐसी युवती की कहानी है, जो साइकोलॉजी में रिसर्च कर रही होती है। एक अप्रत्याशित घटना उसे अपराध के कटघरे में खड़ा कर देती है और मामला अदालत तक पहुंच जाता है। कोर्ट में रोज़ होने वाले खुलासे इस केस को देश का सबसे सनसनीखेज मामला बना देते हैं।
फिल्मी दुनिया में भी दिलचस्पी
लेखक पीयूष पांडे ने बताया कि इस कहानी में फिल्म या वेब सीरीज़ बनने की पूरी संभावना है। दिलचस्प यह है कि कहानी पर काम करते समय श्रेया नारायण ने ही उन्हें पहले स्क्रीनप्ले लिखने का सुझाव दिया था। पीयूष के मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गजों ने कहानी सुनने के बाद सराहना की। ‘नाम शबाना’ और ‘द डिप्लोमेट’ के निर्देशक शिवम नायर और ‘चक दे इंडिया’ के लेखक जयदीप साहनी भी कहानी से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सिंगापुर फिल्म मार्केट में कुछ निर्माता इस पर फिल्म बनाने को इच्छुक थे, लेकिन व्यस्तताओं के चलते उस समय यह संभव नहीं हो सका। वर्ष 2018 में श्रेया नारायण ने सिंगापुर में इस कहानी को कई निर्माताओं के सामने पिच भी किया था।
किताब और लेखक
यह उपन्यास पेंगुइन स्वदेश द्वारा प्रकाशित किया गया है। इससे पहले पीयूष पांडे अभिनेता मनोज बाजपेयी की चर्चित बायोग्राफी लिख चुके हैं, जो हिंदी, अंग्रेज़ी, गुजराती और मराठी में प्रकाशित हो चुकी है। पीयूष पांडे का कहना है कि फिल्म कब बनेगी, यह बाद की बात है। लेकिन एक ज़रूरी कहानी को उपन्यास के रूप में लोगों तक पहुंचाना मेरे लिए सबसे अहम था। Bollywood News
Bollywood News : बॉलीवुड अभिनेत्री श्रेया नारायण के एक छोटे से बयान — “उसने बुलाया था” — ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। इंस्टाग्राम पर जारी वीडियो को लेकर फैंस और यूज़र्स यह जानने को उत्सुक हो गए कि आखिर श्रेया किसका ज़िक्र कर रही हैं। हालांकि, कुछ ही समय में इस रहस्य से पर्दा उठ गया। दरअसल, यह बयान किसी व्यक्ति से जुड़ा नहीं, बल्कि लेखक-पत्रकार पीयूष पांडे की नई क्राइम फिक्शन किताब ‘उसने बुलाया था’ के प्रमोशन का हिस्सा था। वीडियो के अगले हिस्से में यह साफ हो गया कि श्रेया इस उपन्यास की ओर इशारा कर रही थीं।
“हर लड़की से जुड़ी ज़रूरी कहानी”
‘साहब, बीवी और गैंगस्टर’, ‘रॉकस्टार’ और ‘लाल रंग’ जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुकीं श्रेया नारायण ने बताया कि वह इस किताब को पढ़ने वालों में सबसे पहली हैं। उन्होंने कहा कि यह देश की हर लड़की से जुड़ी एक बेहद ज़रूरी कहानी है। यह सिर्फ क्राइम फिक्शन नहीं, बल्कि सोचने पर मजबूर करने वाला उपन्यास है। श्रेया ने माना कि लोगों की उत्सुकता बढ़ाने के लिए उन्होंने वीडियो को जानबूझकर सनसनीखेज अंदाज़ में प्रस्तुत किया।
मनोविज्ञान और अपराध का अनोखा मेल
‘उसने बुलाया था’ एक ऐसी युवती की कहानी है, जो साइकोलॉजी में रिसर्च कर रही होती है। एक अप्रत्याशित घटना उसे अपराध के कटघरे में खड़ा कर देती है और मामला अदालत तक पहुंच जाता है। कोर्ट में रोज़ होने वाले खुलासे इस केस को देश का सबसे सनसनीखेज मामला बना देते हैं।
फिल्मी दुनिया में भी दिलचस्पी
लेखक पीयूष पांडे ने बताया कि इस कहानी में फिल्म या वेब सीरीज़ बनने की पूरी संभावना है। दिलचस्प यह है कि कहानी पर काम करते समय श्रेया नारायण ने ही उन्हें पहले स्क्रीनप्ले लिखने का सुझाव दिया था। पीयूष के मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गजों ने कहानी सुनने के बाद सराहना की। ‘नाम शबाना’ और ‘द डिप्लोमेट’ के निर्देशक शिवम नायर और ‘चक दे इंडिया’ के लेखक जयदीप साहनी भी कहानी से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सिंगापुर फिल्म मार्केट में कुछ निर्माता इस पर फिल्म बनाने को इच्छुक थे, लेकिन व्यस्तताओं के चलते उस समय यह संभव नहीं हो सका। वर्ष 2018 में श्रेया नारायण ने सिंगापुर में इस कहानी को कई निर्माताओं के सामने पिच भी किया था।
किताब और लेखक
यह उपन्यास पेंगुइन स्वदेश द्वारा प्रकाशित किया गया है। इससे पहले पीयूष पांडे अभिनेता मनोज बाजपेयी की चर्चित बायोग्राफी लिख चुके हैं, जो हिंदी, अंग्रेज़ी, गुजराती और मराठी में प्रकाशित हो चुकी है। पीयूष पांडे का कहना है कि फिल्म कब बनेगी, यह बाद की बात है। लेकिन एक ज़रूरी कहानी को उपन्यास के रूप में लोगों तक पहुंचाना मेरे लिए सबसे अहम था। Bollywood News












