पुण्यतिथि : हिंदी सिनेमा की पहली हास्य अभिनेत्री थीं टुनटुन!
भारत
चेतना मंच
24 Nov 2021 06:39 AM
विनय संकोची
'अफसाना लिख रही हूं दिल-ए-बेकरार का, आंखों में रंग भर के तेरे इंतजार का'- यह लोकप्रिय गीत गाया था हिंदी सिनेमा की पहली कॉमेडियन उमा देवी खत्री यानी टुनटुन ने, जिनकी आज पुण्यतिथि है।
आज की पीढ़ी टुनटुन के नाम से ज्यादा परिचित नहीं है लेकिन पिछली पीढ़ी के चेहरे पर टुनटुन का नाम सुनकर आज भी मुस्कान तैर जाती है। उमा देवी खत्री का जन्म उत्तर प्रदेश के अमरोहा में 11 जुलाई 1923 को हुआ था। बचपन में ही जमीनी विवाद को लेकर उमा देवी के माता, पिता और भाई की हत्या हो गई। उमा देवी को बचपन से ही गाने का बहुत शौक था। उनकी हार्दिक इच्छा थी, मुंबई जाकर गायन में अपना कैरियर बनाने की। लेकिन यह आसान तो बिल्कुल भी नहीं था। 23 साल की उम्र में घर से भागी उमा देवी संगीतकर नौशाद के मुंबई स्थित बंगले पर पहुंची। उन्होंने नौशाद से कहा - 'अगर गाने का चांस नहीं दोगे, तो मैं यहीं से समुद्र में कूदकर जान दे दूंगी।' मजबूर नौशाद ने उमा देवी का छोटा सा ऑडिशन लिया और पहली बार गाने का मौका दिया।
उमा देवी का गायकी का सफर ठीक-ठाक चल रहा था लेकिन जब नई गायिकाऐं आने लगीं, तो उमा देवी को काम मिलना कम हो गया। तब नौशाद ने उमा देवी से कहा - 'एक्टिंग क्यों नहीं करती हो?' उमा देवी ने नौशाद की बात तो मानी, लेकिन एक अजीब शर्त रख दी - 'दिलीप कुमार के साथ फिल्म होगी तभी एक्टिंग करूंगी।' नौशाद ने उनकी शर्त हंसकर टाल दी। लेकिन 1950 में उमा देवी को फिल्म बाबुल में दिलीप कुमार के साथ काम करने का मौका मिल ही गया।
उमादेवी से टुनटुन बन कर उन्होंने ऐसा धमाल किया कि भारतीय सिनेमा की पहली कॉमेडियन के रूप में स्थापित हो गईं। उनके व्यक्तित्व को देखकर रोल लिखे जाने लगे थे। पांच दशक के अपने फिल्मी कैरियर में टुनटुन ने 200 के करीब फिल्मों में काम किया और 50 से अधिक गाने गए। 90 का दशक आते-आते उन्होंने खुद को फिल्मों से दूर कर लिया 24 नवंबर 2003 को प्रतिभाशाली अभिनेत्री और सुरीली गायिका ने अंतिम सांस ली।
टुन टुन का पहला गीत फिल्म 'दर्द' में 'अफसाना लिख रही हूं' था। ये गाना सुपरहिट हुआ और टुन टुन की किस्मत चमक गई। टुन टुन का ये गाना एक पाकिस्तानी अख्तर अब्बास काजी को इतना पसंद आया कि वो अपना मुल्क छोड़कर भारत आ गए और टुन टुन से शादी कर ली। अख्तर टुन टुन के पूर्व परिचित थे।