
The Kerala Story: विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ रिलीज से पहले ही विवादों में आ गई है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म से 10 सीन और दो डॉयलॉग को हटा दिए हैं। इतना ही नहीं सीबीएफसी ने फिल्म को ‘ए’ सर्टिफिकेट दिया है, यानी इस फिल्म को 18 साल के अधिक उम्र के लोग देख सकते हैं। दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने फिल्म में दिखाये गये आंकड़ों के डॉक्यूमेंट्री प्रूफ भी पेश करने के लिए कहा है।
आपको बता दें कि इस फिल्म में केरल की चार महिलाओं की कहानी को दिखाया गया है, जिन्हें आईएसआईएस में भर्ती होने के लिए इस्लाम में परिवर्तित किया जाता है। फिल्म में कहा गया है कि इस काम में अमेरिका भी पाकिस्तान के जरिये करता है। जिसे हटाया गया है। वहीं ‘कम्युनिस्ट पार्टी हिंदू रीति-रिवाजों की अनुमति नहीं देती है। इस डॉयलॉग को भी हटा दिया गया। सेंसर बोर्ड ने फिल्म से ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी’ नाम से ‘भारतीय’ शब्द को हटाने के लिए भी कहा है। वहीं सीबीएफसी ने जिन सीन को हटाने के लिए कहा है उसमें सबसे बड़ा सीन केरल के एक पूर्व मुख्यमंत्री का इंटरव्यू शामिल है।
‘द केरला स्टोरी’ का ट्रेलर और टीजर रिलीज होने के बाद जमकर राजनीति हो रही है। कांग्रेस पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जैसी पॉलिटिकल पार्टियों ने इसका विरोध किया है। राजनीतिक पार्टियों ने फिल्म के डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर आपत्ति जतायी है। इन पार्टियों का कहना है कि इस फिल्म के जरिए केरल की छवि को नेगेटिव तरीके से दिखाया जा रहा है। अभी हाल ही में CPI-M और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने फिल्म को केरल में बैन करने की मांग की है।
फिर वर्ष 2006 से लेकर 2011 तक केरल के मुख्यमंत्री रहे वी एस अचुतानंदन इसमें कह रहे हैं, “पॉपुलर फ्रंट केरल को एक इस्लामी राज्य बनाने पर अमादा है। प्रतिबंधित संगठन एनडीएफ की तरह इनका उद्देश्य भी अगले 20 साल में केरल को मुस्लिम राज्य में परिवर्तित कर देना है।” टीजर में दिखाए गए आंकड़ों के मुताबिक, केरल में 32000 से ज्यादा महिलाओं की तस्करी की गई और उन्हें आतंकवादी संगठन आईएसआईएस को बेच दिया गया। ‘द केरला स्टोरी’ के लेखक सुदीप्ता सेन हैं और वही फिल्म का डायरेक्शन कर रहे हैं।
डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने बताया कि हाल ही में एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया, वर्ष 2009 से केरल और मैंगलोर की लगभग 32000 लड़कियों को हिंदू और ईसाई से इस्लाम मजहब में कन्वर्ट किया गया है और उनमें से ज्यादातर सीरिया, अफगानिस्तान और अन्य ISIS व हक्कानी प्रभावशाली क्षेत्र में पहुंच जाती हैं। फिल्म बनाने से पहले सुदीप्तो ने इस विषय पर काफी रिसर्च की। इस दौरान उन्हें यह भी पता चला कि अपहरण और तस्करी के जरिए गायब हुईं कुछ लड़कियां अफगानिस्तान और सीरिया की जेल में पाई गई थीं। इनमें से ज्यादातर लड़कियों की शादी ISIS के आतंकवादियों से की गई थी और उन्हें ‘सेक्स स्लेव’ बनाया गया था।