कड़ी सुरक्षा में 'उदयपुर फाइल्स' रिलीज, अब उठेगा कन्हैयालाल हत्याकांड से पर्दा!
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:39 AM
देशभर में बहुचर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड पर बनी फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। संवेदनशील विषय को देखते हुए राजस्थान के उदयपुर शहर में खास सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। फिल्म को लेकर लोगों में उत्सुकता तो है ही, लेकिन प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरत रहा है। हर सिनेमा हॉल के बाहर पुलिस की तैनाती की गई है और सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी अफवाह पर तुरंत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
फिल्म में क्या दिखाया गया है?
इस फिल्म में टेलर कन्हैयालाल की तालिबानी तरीके से की गई हत्या और उसके पीछे की पूरी साजिश को दिखाया गया है। कन्हैयालाल के बेटे यश तेली ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ फिल्म देखने जाएंगे। उनका मानना है कि यह फिल्म केवल एक घटना को नहीं, बल्कि उस सच्चाई को सामने लाने का प्रयास है, जिसे हर नागरिक को जानना चाहिए। उन्होंने लोगों से फिल्म देखने की अपील भी की है।
कानूनी अड़चनों के बाद मिली हरी झंडी
'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज पर पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। यह याचिका कुछ संगठनों और एक आरोपी मोहम्मद जावेद की ओर से दायर की गई थी। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और अंततः 25 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म को रिलीज की अनुमति दी। इसके बावजूद विवाद थमा नहीं और मामला फिर से दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने केंद्र सरकार को फिल्म की समीक्षा करने के निर्देश दिए। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा गठित समिति ने 6 अगस्त को फिल्म को हरी झंडी दे दी, साथ ही कुछ अतिरिक्त कट भी लगाए गए ताकि संवेदनशील बिंदुओं पर संतुलन बनाया जा सके।
फिल्म का मकसद क्या है?
फिल्म के निर्माता अमित जानी ने अपने बयान में कहा कि इसका उद्देश्य किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं है। उनका कहना है कि फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित है और इसका मकसद समाज को उस सच्चाई से रूबरू कराना है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। फिल्म में विजय राज ने कन्हैयालाल का किरदार निभाया है, जबकि रजनीश दुग्गल और प्रीति झांगियानी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
क्या था कन्हैयालाल हत्याकांड?
यह मामला 28 जून 2022 का है, जब उदयपुर की मालदास स्ट्रीट पर स्थित अपनी दुकान में टेलर कन्हैयालाल की गौस मोहम्मद और रियाज अत्तारी ने धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी थी। इस जघन्य वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे देशभर में गुस्से की लहर फैल गई थी। मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपा गया, जिसने 11 आरोपियों के खिलाफ UAPA और आर्म्स एक्ट के तहत चालान पेश किया।
अब तक दो आरोपी फरहाद उर्फ बबला और मोहम्मद जावेद को जमानत मिल चुकी है, जबकि दो आरोपी सलमान और अबू इब्राहिम पाकिस्तान निवासी बताकर फरार घोषित किए गए हैं। इस केस की सुनवाई अब भी अदालत में जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था के साथ फिल्म रिलीज
प्रशासन ने यह साफ किया है कि फिल्म के प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी या नफरत फैलाने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है।
'उदयपुर फाइल्स' केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि सच को उजागर करने की कोशिश है। हालांकि इसे लेकर विवाद और भावनात्मक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं, लेकिन इसके जरिए एक दर्दनाक और महत्वपूर्ण घटना पर सार्वजनिक चर्चा को बल मिलने की संभावना है।
कपिल शर्मा के कैफ़े पर फिर से फायरिंग: एक महीने में दूसरी बार चलीं गोलियां! वीडियो आया सामने