Kishore Kumar Birthday Special-किशोर कुमार के जीवन का सच है 'पांच रुपया बारह आना' गाना !
भारत
चेतना मंच
04 Aug 2023 01:59 PM
Kishore Kumar Birthday Special- आज बॉलीवुड के जाने-माने गायक और अभिनेता किशोर कुमार की जयंती है। किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में हुआ था। किशोर कुमार का नाम भारतीय फिल्म जगत के उन महान कलाकारों के नाम में शामिल हैं, जिन्होंने इस फिल्मी दुनिया को रंगीन बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। ये एक ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने अपने पीढ़ी के लोगों को तो अपना दीवाना बनाया ही, साथ ही नई पीढ़ी के लोगों का दिल भी छू लिया। मध्य प्रदेश राज्य के एक छोटे से जिले खंडवा से निकलकर किशोर कुमार ने पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
बचपन में बेहद चुलबुले थे किशोर कुमार -
बॉलीवुड की एक चुलबुले सिंगर के रूप में जाने जाने वाले किशोर कुमार, असल जिंदगी में भी बचपन से ही बहुत चुलबुले स्वभाव के थे। पढ़ाई लिखाई में इनका कुछ खास मन नहीं लगता था। स्कूल में है कभी डेस्क बजाते, तो कभी उस पर खड़े होकर नाचते थे। स्कूल में पढ़ाने वाले अध्यापकों की नकल उतारने में भी ये माहिर थे।
किशोर कुमार के कैरियर की शुरुआत -
किशोर कुमार के फिल्मी कैरियर की शुरुआत एक अभिनेता के रूप में साल 1946 में आई फिल्म 'शिकारी' से हुई थी। इस फिल्म में ये सह कलाकार की भूमिका में नजर आए थे, जबकि इनके बड़े भाई अशोक कुमार इस फिल्म में मुख्य अभिनेता थे। इन्होंने बॉलीवुड की 81 फिल्मों में अभिनय व 18 फिल्मों का निर्देशन किया। इनकी सिंगिंग कैरियर की शुरूआत साल 1948 में आई फिल्म 'जिद्दी' के जरिए हुई, जिसमें उन्होंने पहली बार अभिनेता देवानंद के लिए आवाज दी। परंतु इनके पहले गाने से ना इन्हें कोई खास पहचान मिली, और ना ही कोई खास काम मिला।
इसके बाद इन्होंने कई फिल्मों में अभिनय किया जिसमें ये अपने भाइयों अनूप कुमार व अशोक कुमार के साथ नजर आए। सबसे खास बात यह है कि आज एक बेहद पॉपुलर गायक के रूप में जाने जाने वाले किशोर कुमार की, शुरुआती कुछ फिल्मों के गीतों में मोहम्मद रफी ने किशोर कुमार के लिए अपनी आवाज दी है।
Kishore Kumar Birthday Special-
शुरुआती दौर में एसडी बर्मन या अन्य किसी संगीतकार ने किशोर कुमार को अधिक गंभीरता से नहीं लिया। साल 1957 में आई फिल्म 'फंटूस' के गीत 'दुखी मन मेरे' में जब किशोर दा ने अपनी आवाज दी तो फिल्म जगत के बड़े संगीतकारों पर इसका गहरा असर पड़ा। इसके बाद जाने-माने संगीतकार एसडी बर्मन ने इन्हें अपने कई गीतों में आवाज देने का मौका दिया। किशोर कुमार ने अपने सिंगिंग कैरियर में बॉलीवुड के 574 से भी अधिक गीतों को अपनी आवाज से संवारा।
सिर्फ हिंदी ही नहीं बल्कि तमिल, मराठी, असमिया, गुजराती,कन्नड़, भोजपुरी, उड़िया, मलयालम फिल्मों के गीतों में भी अपनी आवाज दी। अपने सिंगिंग कैरियर में इन्होंने सिंगिंग से जुड़े कई बड़े अवॉर्ड अपने नाम किए।
इनके 'पांच रुपया बारह आना' के पीछे है एक सच्ची कहानी -
किशोर कुमार का 'पांच रुपया बारह आना ' गाना तो आप सबने सुना ही होगा। पर बहुत कम लोगों को इस गाने से जुड़ी मूल कहानी के बारे में जानकारी होगी। बात उन दिनों की है जब किशोर कुमार इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज में पढ़ा करते थे। कॉलेज के दिनों में इनकी आदत थी कि ये कॉलेज में बनी कैंटीन में खुद तो उधार लेकर खाना खाते ही थे, साथ ही अपने दोस्तों को भी खिलाते थे। उन दिनों 5-10 रुपए की उधारी भी काफी मायने रखती थी। कैंटीन में उधार खाते-खाते जब इनके पांच रुपैया बारह आना उधार हो गए, तो कैंटीन का मालिक रोज इनको 5 रुपया बारह आना उधार चुकाने को कहने लगा। कैंटीन का मालिक जब भी इन्हें उधार चुकाने को कहता तो ये कैंटीन में बैठकर ही टेबल पर रखे गिलास और चम्मच को बजा बजाकर अलग अलग धुन निकालकर पांच रुपया बारह आना गाना गाते थे। बाद में जब ये बड़े गायक बने तो, इन्होंने अपने इस गाने का बखूबी इस्तेमाल किया।