किशोर कुमार हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में शुमार रहे, जिनकी आवाज और अभिनय ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया। उनकी गायकी जितनी लोकप्रिय थी, उनका मस्तमौला और अनोखा अंदाज भी उतना ही चर्चित रहा।

Kishore Kumar : किशोर कुमार हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में शुमार रहे, जिनकी आवाज और अभिनय ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया। उनकी गायकी जितनी लोकप्रिय थी, उनका मस्तमौला और अनोखा अंदाज भी उतना ही चर्चित रहा। उनके व्यक्तित्व से जुड़े कई किस्से आज भी फिल्मी दुनिया में सुनाए जाते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा मशहूर गीतकार समीर ने साझा किया था, जिसमें रिकॉर्डिंग के लिए बेहद अलग अंदाज में स्टूडियो पहुंचे थे। Kishore Kumar
गीतकार समीर ने बताया था कि एक बार वह अपने पिता और गीतकार अनजान के साथ रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंचे थे। वहां अमिताभ बच्चन की फिल्म 'डॉन' के चर्चित गीत 'खइके पान बनारस वाला' की रिकॉर्डिंग हो रही थी। समीर उस समय किशोर कुमार से मिलने को लेकर काफी उत्साहित थे। लेकिन स्टूडियो में किशोर कुमार को जिस अंदाज में उन्होंने देखा, उसे देखकर वह हैरान रह गए। किशोर कुमार लुंगी पहनकर पहुंचे थे। उनके एक पैर में अपना जूता-चप्पल था, जबकि दूसरे पैर में उनकी पत्नी की चप्पल थी। इतना ही नहीं, उन्होंने आंखों में काजल भी लगाया हुआ था। Kishore Kumar
समीर के मुताबिक, जब किशोर कुमार के सामने गाने के बोल रखे गए तो उन्होंने कुछ पंक्तियों को लेकर आपत्ति जताई। खास तौर पर 'भांग का रंग जमा' जैसी लाइन उन्हें उस समय पसंद नहीं आई और उन्होंने गाना गाने से मना कर दिया। हालांकि, बाद में उन्हें काफी समझाया गया, जिसके बाद किशोर कुमार रिकॉर्डिंग के लिए तैयार हो गए। लेकिन इसके बाद उन्होंने अपनी खास शर्त रख दी। किशोर कुमार ने रिकॉर्डिंग से पहले साफ कर दिया कि वह गाना एक ही टेक में रिकॉर्ड करेंगे, इसलिए सभी लोग पूरी तरह तैयार रहें। इसके बाद उन्होंने अपनी बात साबित भी कर दी और पूरा गाना एक ही टेक में रिकॉर्ड कर दिया। किशोर कुमार की यही बेफिक्री और आत्मविश्वास उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता था। उनके व्यक्तित्व से जुड़े ऐसे किस्से आज भी उनके प्रशंसकों के बीच खास दिलचस्पी पैदा करते हैं। Kishore Kumar
किशोर कुमार केवल एक गायक नहीं थे। उन्होंने अभिनय, संगीत निर्देशन, फिल्म निर्माण और निर्देशन में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। 'चलती का नाम गाड़ी', 'पड़ोसन' और 'हाफ टिकट' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब पसंद किया गया। गायकी के क्षेत्र में उन्होंने कई यादगार गीत दिए। 'मेरे सपनों की रानी', 'ओ मेरे दिल के चैन', 'पल पल दिल के पास', 'आने वाला पल जाने वाला है', 'हमें तुमसे प्यार कितना' और 'नीले नीले अंबर पर' जैसे गीत आज भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय हैं। Kishore Kumar
किशोर कुमार को उनकी शानदार गायकी के लिए 8 फिल्मफेयर पुरस्कार मिले थे। एक दौर में यह बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी। उनकी आवाज की खासियत और गाने को अपने अंदाज में पेश करने की क्षमता ने उन्हें हिंदी फिल्म संगीत के सबसे लोकप्रिय गायकों में शामिल कर दिया। Kishore Kumar
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