Miss Universe 2025 का ताज इस बार मैक्सिको की खूबसूरत और दमदार मॉडल फातिमा बॉश के सिर सजा है। फिनाले से पहले विवादों में घिरने के बावजूद फातिमा ने अपनी कॉन्फिडेंस और स्मार्टनेस से दुनिया को जीत लिया। भारत की मनिका विश्वकर्मा ने भी शानदार शुरुआत की लेकिन वे टॉप-12 में जगह नहीं बना सकीं।

इस साल Miss Universe कॉम्पिटिशन में दुनिया के अलग-अलग देशों की खूबसूरत और टैलेंटेड मॉडल्स ने हिस्सा लेकर अपनी किस्मत आजमाई लेकिन दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला का ताज तो किसी एक के सिर ही सजना था। हर किसी की नजर उस एक चेहरे को तलाशने में लगी थी जो खूबसूरती के साथ दिमाग, आत्मविश्वास और पर्सनैलिटी के हर पैमाने पर खरा उतरे और अंत में विजेता बनकर खरी उतरी मैक्सिको की फातिमा बॉश। फातिमा बॉश ने न सिर्फ स्टेज पर बल्कि अपने पूरे सफर में दमदार प्रदर्शन किया।
फातिमा बॉश फर्नांडिस का जन्म 19 मई 2000 को मैक्सिको के तेपा में हुआ। उन्होंने विलेहर्मोसा तबास्को से पढ़ाई शुरू की और फिर Universidad Iberoamericana से फैशन डिजाइनिंग में ग्रेजुएशन किया। उनकी उम्र 25 साल, लंबाई 5 फीट 9 इंच है। फातिमा ने छोटी उम्र से ही मॉडलिंग शुरू कर दी थी और आज मिस यूनिवर्स का ताज उनकी मेहनत की सबसे बड़ी पहचान बन गया है।
इस साल की टॉप-3 लिस्ट काफी दिलचस्प रही। फाइनल रैंकिंग कुछ इस तरह रही-
Winner – मैक्सिको: फातिमा बॉश
1st Runner-Up – थाईलैंड: प्रवीणर सिंह
2nd Runner-Up – वेनेजुएला: स्टीफिन अबासली
3rd Position – फिलिपिन्स: अतीशा मनालो
टॉप 3 में हर देश की प्रतिनिधि ने शानदार प्रदर्शन किया लेकिन फातिमा ने अपनी पर्सनैलिटी और जवाबों से सबको पीछे छोड़ दिया।
बता दें कि, फातिमा बॉश को लेकर सबसे बड़ा विवाद 4 नवंबर को सामने आया था। एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान मिस थाईलैंड के डायरेक्टर नवात इत्साराग्रिसिल ने फातिमा को सबके सामने फटकार लगाई और कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इसकी वजह थी उन्होंने थाईलैंड से जुड़ा प्रमोशनल कंटेंट शेयर नहीं किया था। इसके बाद माहौल काफी गंभीर हो गया। फातिमा वॉकआउट कर गईं और कई पर्टिसिपेंट्स भी उनके सपोर्ट में साथ बाहर निकल गए। कुछ देर बाद फातिमा वापस आईं और उन्होंने खुले मंच पर कहा कि उन्हें इस तरह की बेइज्जती मंजूर नहीं।
भारत की ओर से इस बार मनिका विश्वकर्मा ने Miss Universe में हिस्सा लिया। उन्होंने प्री-कॉम्पिटिशन स्कोरिंग में शानदार परफॉर्म किया और टॉप 30 में जगह बनाई लेकिन स्विमसूट राउंड और सेमी-फाइनल स्कोर में कमी के चलते वे टॉप 12 में नहीं आ सकीं। हालांकि मनिका ने अपनी एनर्जी, स्माइल और भारत के लिए जो गर्व दिखाया वह काबिल-ए-तारीफ है।