‘रूह की नदी सूखी हो तो बारिश खरीदिए’... नाना पाटेकर ने कुछ यूं बयां की पानी की पूरी कहानी

वही बारिश जो आसमान से आती है और बूंदों में गाती है। पहाड़ों से फिसलती है और नदियों में चलती है। नहरों में मचलती है, कुएं पोखर से मिलती है। पानी सिर्फ पानी नहीं है, पानी जिंदगानी है। जानिए नाना पाटेकर के अंदाज में पानी की पूरी कहानी

Nana Patekar memory

नाना पाटेकर ने जिस अंदाज में बारिश और पानी का वर्णन

locationभारत
userSupriya Srivastava
calendar08 Oct 2026 03:11 PM
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