CJP Protest को लेकर प्रीति जिंटा ने छात्रों की शिक्षा सुधार की मांग का समर्थन किया। उन्होंने शांतिपूर्ण आंदोलन को हाइजैक करने की कोशिशों पर चिंता जताई और सरकार व छात्रों के बीच सार्थक बातचीत की अपील की।

बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने दिल्ली में चल रहे CJP छात्र आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने छात्रों की शिक्षा सुधार से जुड़ी मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को किसी भी तरह से हाइजैक नहीं किया जाना चाहिए। प्रीति जिंटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक डिटेल पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि आंदोलन का मूल उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए और इसे किसी भी ऐसे तत्व द्वारा प्रभावित नहीं होने देना चाहिए, जो इसका स्वरूप बदलने की कोशिश करें।
प्रीति जिंटा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि छात्रों का समर्थन करना और ऐसे शिक्षा सुधारों की मांग करना जरूरी है, जो देश के युवाओं के भविष्य को बेहतर बना सकें। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को राष्ट्र विरोधी तत्व हाइजैक कर अराजकता फैलाने का माध्यम न बना दें और आंदोलन की प्रकृति न बदल दें।
उन्होंने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर बढ़ती नफरत और विभाजन को देखकर उन्हें यह चिंता हो रही है कि कहीं देश के भीतर और बाहर मौजूद कुछ गलत तत्व छात्रों के गुस्से और निराशा का फायदा उठाकर उसे अपने एजेंडे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश तो नहीं कर रहे हैं।
प्रीति जिंटा ने कहा कि उन्हें भारत के लोकतंत्र, कानून व्यवस्था और सरकार पर भरोसा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और आंदोलन कर रहे छात्र आपसी बातचीत के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालेंगे। उनका मानना है कि सार्थक और सकारात्मक संवाद से किसी भी गलत एजेंडे या नकारात्मक तत्वों को आंदोलन से अलग किया जा सकता है, जिससे युवाओं और लोकतंत्र दोनों का भविष्य मजबूत होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा मेहनत, समानता और उत्कृष्टता में विश्वास करती हैं और इन मूल्यों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
इससे पहले भी प्रीति जिंटा ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया था। उन्होंने सरकार से अपील की थी कि वह सोनम वांगचुक और छात्र संगठनों के साथ सार्थक बातचीत शुरू करे, ताकि उनकी सेहत पर और अधिक असर न पड़े। साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की भी अपील की थी और कहा था कि उनकी सेहत भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितना वह मुद्दा जिसके लिए वे संघर्ष कर रहे हैं।
प्रीति जिंटा ने छात्रों और सोनम वांगचुक के प्रति अपना समर्थन जताते हुए कहा था कि वे देश और युवाओं के भविष्य के लिए शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं और उन्होंने उनके लिए अपनी शुभकामनाएं भी व्यक्त की थीं।
प्रीति जिंटा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन को लेकर तनाव बढ़ गया है। 18 जुलाई की सुबह सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाकर अस्पताल ले जाया गया था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, 21 दिनों के अनिश्चितकालीन अनशन के बाद उनकी बिगड़ती सेहत, डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के पालन के तहत यह कदम उठाया गया।
सोनम वांगचुक प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। इस मुद्दे ने नीट पेपर लीक विवाद समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में शिक्षा व्यवस्था पर नई बहस को भी जन्म दिया है।
20 जुलाई को जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हालात और तनावपूर्ण हो गए थे। प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई और पुलिस की ओर से लाठीचार्ज भी किया गया। इसके बाद से सोनम वांगचुक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं और परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग दोहरा रहे हैं।
विज्ञापन