दिल्ली हाई कोर्ट ने सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए फिल्म 'काला हिरण द बैटल फॉर लेगेसी' से जुड़े लिंक हटाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने मेकर्स को फटकार लगाते हुए फिल्म के मामले में सख्त रुख अपनाया

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को दिल्ली उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने फिल्म 'काला हिरण द बैटल फॉर लेगेसी' को लेकर सुनवाई करते हुए फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद फिल्म से जुड़े सभी संबंधित लिंक तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने फिल्म के निर्माता अमित जानी के रवैये पर भी नाराजगी जताई और उन्हें कड़ी फटकार लगाई।
सलमान खान ने इस फिल्म के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर करते हुए फिल्म पर रोक लगाने की मांग की थी। अभिनेता की ओर से अदालत में कहा गया कि फिल्म के जरिए उनकी छवि को गलत और भ्रामक तरीके से पेश करने की कोशिश की जा रही है। उनके वकील ने यह भी दलील दी कि काले हिरण मामले में सलमान खान को अदालत से बरी किया जा चुका है। ऐसे में इस मामले को फिल्म के माध्यम से दोबारा उछालना और गलत तरीके से प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
फिल्म के निर्माता अमित जानी की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा कि जारी किए गए टीजर में सलमान खान का कोई प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि टीजर तैयार करने में किसी भी प्रकार की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई या डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने निर्माता के रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए सवाल किया कि क्या निर्माता खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। इसके बाद कोर्ट ने सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश दिया कि फिल्म से जुड़े संबंधित लिंक और कंटेंट को तुरंत हटाया जाए, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी का प्रसार न हो।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि फिल्म से जुड़े संबंधित लिंक और सामग्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जाए। अदालत का यह कदम कथित रूप से भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस मामले में कोर्ट का यह फैसला सलमान खान के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जबकि फिल्म के निर्माताओं को अदालत की कड़ी फटकार का सामना करना पड़ा।
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