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नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुआ “हाइड ऐंड सीक” सिर्फ एक क्राइम थ्रिलर नहीं बल्कि इमोशंस, रिवेंज और साइकोलॉजिकल ड्रामा से भरपूर है। पहले सीजन ने जिस तरह दर्शकों को अपनी डरावनी और रहस्यमयी कहानी से बांधा था, दूसरा सीजन उससे एक कदम आगे निकलता दिखाई देता है।

Netflix पर अगर आप कोई ऐसी फिल्म ढूंढ रहे हैं जो एक बार शुरू करने के बाद बंद करने का मन ही न करे तो The Chestnut Man का दूसरा सीजन आपके वीकेंड को पूरी तरह कब्जे में लेने वाला है। “हाइड ऐंड सीक” नाम से आया यह नया सीजन सिर्फ एक क्राइम थ्रिलर नहीं बल्कि डर, सस्पेंस, इमोशन और दिमाग घुमा देने वाले ट्विस्ट का पैकेज है। पहले सीजन ने लोगों को अपने डरावने मर्डर मिस्ट्री वाले खेल में फंसा लिया था लेकिन इस बार मामला और ज्यादा खतरनाक नजर आ रहा है। कातिल को पहले से ज्यादा चालाक दिखाया गया है, खेल पहले से ज्यादा डार्क है और कहानी इतनी जबरदस्त हैं कि एक बार शुरू कर दी तो फिर रुकना मुश्किल हो जाएगा।
सीरीज की शुरुआत एक महिला के अचानक गायब होने से होती है। शुरुआत में सब कुछ एक साधारण केस लगता है लेकिन धीरे-धीरे मामला ऐसा मोड़ लेता है जहां हर किरदार पर शक होने लगता है। सबसे डरावनी बात ये है कि कातिल बच्चों के पुराने गेम “हाइड ऐंड सीक” को अपना हथियार बना लेता है। हर नया सुराग ऐसा लगता है जैसे वह पुलिस के साथ नहीं सीधे दर्शकों के दिमाग के साथ खेल रहा हो। कई जगह कहानी आपको इतना कन्फ्यूज कर देती है कि समझ ही नहीं आता आखिर असली कातिल कौन है।
सीजन 2 की सबसे खास बात यह है कि इसमें सिर्फ खून-खराबा और जांच नहीं दिखाई गई। इस बार कहानी के अंदर इमोशंस भी काफी गहरे हैं। डिटेक्टिव मार्क हेस और नाया थुलिन इस बार सिर्फ केस नहीं सुलझा रहे बल्कि अपने अंदर के डर और पुराने जख्मों से भी लड़ते दिखाई देते हैं। कई सीन ऐसे हैं जहां बिना किसी डायलॉग के सिर्फ उनकी आंखें पूरी कहानी कह देती हैं।
सीरीज का असली हीरो इसका डरावना माहौल है। कोपनहेगन की धुंध भरी सड़कें, सुनसान गलियां और बैकग्राउंड में बजता धीमा म्यूजिक ऐसा फील देता है जैसे कुछ बहुत बुरा होने वाला है। कई बार स्क्रीन पर कुछ खास नहीं होता लेकिन फिर भी टेंशन इतनी बढ़ जाती है कि दिल की धड़कन तेज हो जाती है। डायरेक्टर ने हर फ्रेम को इतने शानदार तरीके से शूट किया है कि कई दृश्य किसी हॉलीवुड फिल्म जैसे लगते हैं।
इस सीरीज की सबसे बड़ी ताकत इसका सस्पेंस है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है वैसे-वैसे हर किरदार रहस्यमयी लगने लगता है।
मिड सीजन में आने वाला ट्विस्ट सच में चौंका देता है। एक पल के लिए लगता है कि अब सब समझ आ गया… और अगले ही पल कहानी पूरी तरह पलट जाती है।
Mikkel Boe Følsgaard और Danica Curcic ने इस बार कमाल कर दिया है। दोनों की एक्टिंग इतनी नेचुरल लगती है कि कई बार लगता है जैसे आप कोई सीरीज नहीं असली घटना देख रहे हों। उनके चेहरे के एक्सप्रेशन, डर और दर्द को दिखाने का तरीका सीरीज को और ज्यादा रियल बना देता है।
आजकल कई वेब सीरीज जरूरत से ज्यादा लंबी हो जाती हैं लेकिन “द चेस्टनट मैन 2” की सबसे अच्छी बात यह है कि यह सिर्फ 6 एपिसोड में पूरी कहानी खत्म कर देती है। हर एपिसोड करीब 45 से 55 मिनट का है लेकिन कहानी इतनी टाइट है कि एक भी मिनट फालतू नहीं लगता। यही वजह है कि यह परफेक्ट बिंज वॉच बन जाती है। अगर आपको ऐसी सीरीज पसंद हैं जिनमें हर कोई संदिग्ध लगे, जहां हर एपिसोड के बाद नया झटका मिले और आखिर तक दिमाग कातिल को खोजने में उलझा रहे तो यह सीरीज बिल्कुल मिस नहीं करनी चाहिए।
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