टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में नया दावा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, संदिग्धों का पहला निशाना आमिर खान थे। फिर अचानक बदल गया उनका टारगेट।
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के मामले में एक नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। अब तक इस मामले में टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाए जाने की जांच हो रही थी, लेकिन एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संदिग्ध हमलावरों का पहला निशाना टाइगर श्रॉफ नहीं बल्कि अभिनेता आमिर खान थे। लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि आमिर खान के बजाय टाइगर श्रॉफ शूटर्स के निशाने पर आ गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले हमलावरों का पहला निशाना बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान थे। लेकिन हमलावरों का आमिर खान तक पहुंचना मुश्किल हो गया जिसकी वजह से बाद में उन्होंने अपना निशाना आमिर खान से हटाकर टाइगर श्रॉफ पर शिफ्ट कर दिया। इस मामले में हो रही जांच में जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक टाइगर श्रॉफ पर नजर रखना हमलावरों के लिए आमिर खान की तुलना में आसान था। इसलिए उन्होंने अपना टारगेट ही बदल दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, संदिग्ध लोग कम से कम तीन बार आमिर खान के घर के आसपास पहुंचे थे। बताया गया है कि वे अभिनेता तक पहुंचने का मौका तलाश रहे थे, लेकिन उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली। आमिर खान अपने काम के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहते हैं। फिल्म की शूटिंग और दूसरी व्यस्तताओं के कारण उनकी दिनचर्या में बदलाव होता रहता है। रिपोर्ट के अनुसार, इसी वजह से संदिग्धों के लिए उनके करीब पहुंचना मुश्किल हो गया था।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आमिर खान तक पहुंचने में मुश्किल आने के बाद संदिग्धों का ध्यान टाइगर श्रॉफ की ओर गया। बताया गया है कि टाइगर श्रॉफ अक्सर रविवार को जुहू के एक पार्क में फुटबॉल खेलने जाते थे। उनकी इसी दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए उन्हें निशाना बनाने की योजना बनाई गई। आपको बता दे की टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग भी जुहू के इस पार्क के पास हुई थी जहां पर टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने जाते थे। इस मामले में पुलिस संदिग्धों की गतिविधियों और घटना से पहले की परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच के लिए यह पता लगाना भी अहम है कि कथित हमलावरों को टाइगर श्रॉफ की दिनचर्या के बारे में जानकारी कहां से मिली और क्या इस काम में किसी अन्य व्यक्ति ने उनकी मदद की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, आमिर खान को निशाना बनाने की कथित योजना को जुलाई में मिली धमकियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बताया गया है कि इन धमकियों के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का हाथ होने की आशंका जताई गई थी। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या आमिर खान से जुड़ी योजना और टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बीच कोई सीधा संबंध था। इस सवाल का जवाब जांच में सामने आने वाली जानकारियों से ही मिल सकेगा।
इस मामले में जांचकर्ताओं को शक है कि हमलावरों को पुलिस की कार्रवाई के बारे में वास्तविक समय में जानकारी मिल रही थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके हैंडलर्स ने एन्क्रिप्टेड वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल यानी वीओआईपी मैसेजिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया है। ऐसे एप्लिकेशन इंटरनेट के जरिए आवाज और संदेशों के आदान-प्रदान की सुविधा देते हैं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इन माध्यमों से हमलावरों और उन्हें निर्देश देने वाले लोगों के बीच संपर्क बना हुआ था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि संदिग्धों को जानकारी कौन दे रहा था और उनके भागने के दौरान किसने उनकी मदद की। कथित हैंडलर्स की भूमिका का पता लगाना इस मामले की जांच का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग का मामला कई अहम सवाल खड़े कर रहा है। जांचकर्ताओं के सामने कथित हमलावरों की योजना, उन्हें जानकारी देने वाले लोगों और घटना के पीछे की संभावित वजह का पता लगाने की चुनौती है। आमिर खान को पहले निशाना बनाए जाने का दावा सामने आने के बाद मामले की जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है।
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