होली पर हर घर में बजता है यह 67 साल पुराना गाना, किस्सा सुनकर उड़ जाएंगे तोते
Holi Song: आज भी यह गाना हर होली पर बजता है और लोगों को नचाने पर मजबूर करता है। होली गाने और बॉलीवुड के क्लासिक गीतों में यह गाना सबसे लोकप्रिय माना जाता है। यदि आप होली गानों की तलाश कर रहे हैं तो यह गाना जरूर सुनें।

हिंदी सिनेमा और होली का रिश्ता बहुत पुराना है। हर साल जब रंगों का त्योहार आता है तो कई क्लासिक गाने हमारे दिल को छू जाते हैं। इनमें से एक है “अरे जा रे हट नटखट” जो साल 1959 में आई फिल्म नवरंग का हिस्सा है। आज भी यह गाना हर होली पर लोगों के बीच बजता है और इसे सुनकर नाचने का मन करता है।
67 साल पुराना अब भी यादगार
नवरंग के इस गाने को संगीत और बोल ने आज भी ताजा रखा है। आशा भोंसले और महेंद्र कपूर की आवाज ने इसे और भी खास बना दिया। लेकिन इस गाने की शूटिंग उतनी आसान नहीं थी जितनी इसे सुनना लगता है। निर्देशक वी. शांताराम ने इसे परफेक्ट बनाने के लिए कुछ अनोखा किया उन्होंने अभिनेत्री संध्या शांताराम से हाथी के साथ डांस करने के लिए कहा।
हाथी के साथ करनी पड़ी थी दोस्ती
हाथी के साथ शूट करना आसान काम नहीं था खासकर इंडोर सेट पर। संध्या ने शूटिंग से पहले हाथी के साथ दोस्ती की। वे उसे अपने हाथ से खाना खिलातीं, पानी पिलातीं और घंटों बात करती थीं। इस बॉन्डिंग की वजह से शूटिंग वाले दिन उन्होंने बिना किसी डर के हाथी के साथ तालमेल बिठाया और शानदार डांस किया।
कोई मेल लीड नहीं था गाने में
इस गाने की सबसे खास बात यह थी कि इसमें कोई मेल लीड नहीं था। संध्या ने महिला और पुरुष दोनों का किरदार निभाया। वह आधी महिला और आधी पुरुष बनकर स्टेज पर परफॉर्म कीं और लिरिक्स के साथ अपने किरदार को निभाते हुए क्लासिकल डांस प्रस्तुत किया। एक तरफ हाथी दूसरी तरफ दो किरदार निभाना यह सब उन्होंने इतनी खूबसूरती से किया कि यह गाना और फिल्म दोनों ही यादगार बन गए।
नवरंग के बिना आज भी अधूरी है होली
आज भी जब होली आती है तो “अरे जा रे हट नटखट” के बिना त्योहार अधूरा लगता है। यह गाना सिर्फ संगीत का नहीं बल्कि मेहनत, धैर्य और प्यार की भी कहानी कहता है। संध्या की कड़ी मेहनत और हाथी के साथ उनका तालमेल इसे हमेशा के लिए यादगार बनाते हैं।
हिंदी सिनेमा और होली का रिश्ता बहुत पुराना है। हर साल जब रंगों का त्योहार आता है तो कई क्लासिक गाने हमारे दिल को छू जाते हैं। इनमें से एक है “अरे जा रे हट नटखट” जो साल 1959 में आई फिल्म नवरंग का हिस्सा है। आज भी यह गाना हर होली पर लोगों के बीच बजता है और इसे सुनकर नाचने का मन करता है।
67 साल पुराना अब भी यादगार
नवरंग के इस गाने को संगीत और बोल ने आज भी ताजा रखा है। आशा भोंसले और महेंद्र कपूर की आवाज ने इसे और भी खास बना दिया। लेकिन इस गाने की शूटिंग उतनी आसान नहीं थी जितनी इसे सुनना लगता है। निर्देशक वी. शांताराम ने इसे परफेक्ट बनाने के लिए कुछ अनोखा किया उन्होंने अभिनेत्री संध्या शांताराम से हाथी के साथ डांस करने के लिए कहा।
हाथी के साथ करनी पड़ी थी दोस्ती
हाथी के साथ शूट करना आसान काम नहीं था खासकर इंडोर सेट पर। संध्या ने शूटिंग से पहले हाथी के साथ दोस्ती की। वे उसे अपने हाथ से खाना खिलातीं, पानी पिलातीं और घंटों बात करती थीं। इस बॉन्डिंग की वजह से शूटिंग वाले दिन उन्होंने बिना किसी डर के हाथी के साथ तालमेल बिठाया और शानदार डांस किया।
कोई मेल लीड नहीं था गाने में
इस गाने की सबसे खास बात यह थी कि इसमें कोई मेल लीड नहीं था। संध्या ने महिला और पुरुष दोनों का किरदार निभाया। वह आधी महिला और आधी पुरुष बनकर स्टेज पर परफॉर्म कीं और लिरिक्स के साथ अपने किरदार को निभाते हुए क्लासिकल डांस प्रस्तुत किया। एक तरफ हाथी दूसरी तरफ दो किरदार निभाना यह सब उन्होंने इतनी खूबसूरती से किया कि यह गाना और फिल्म दोनों ही यादगार बन गए।
नवरंग के बिना आज भी अधूरी है होली
आज भी जब होली आती है तो “अरे जा रे हट नटखट” के बिना त्योहार अधूरा लगता है। यह गाना सिर्फ संगीत का नहीं बल्कि मेहनत, धैर्य और प्यार की भी कहानी कहता है। संध्या की कड़ी मेहनत और हाथी के साथ उनका तालमेल इसे हमेशा के लिए यादगार बनाते हैं।












