Ajmer News : हैदराबाद से पकड़ा गया अजमेर दरगाह का खादिम गौहर चिश्ती गिरफ्तार
भारत
चेतना मंच
15 Jul 2022 06:00 PM
Ajmer : अजमेर। बीती 17 जून को भीड़ के सामने सिर तन से जुदा का नारा देने वाले अजमेर दरगाह के खादिम गौहर चिश्ती को अजमेर पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है। भड़काऊ भाषण मामले में वांछित गौहर चिश्ती एक जुलाई से ही हैदराबाद में छिपा हुआ था। अजमेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि भड़काऊ भाषण मामले में फरार चल रहे गोहर चिश्ती को पकड़ने के लिए 7 टीमें बनाई गयी थीं। उन्होंने कहा कि अजमेर पुलिस का दल उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आया है। उन्होंने बताया कि गौहर चिश्ती के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के मामले में 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उसके बाद से वह फरार चल रहा था और 29 जून के बाद से वह राजस्थान के बाहर चला गया था।
अजमेर के एसपी चुना राम जाट ने बताया कि गौहर चिश्ती के बैंक खातों और उसके सभी संपर्कों की जांच की जायेगी। गौहर चिश्ती के बैंक खातों की जानकारी और इसके किस-किस के साथ और किन घटनाओं में संबंध हैं, उसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। कॉल डिटेल्स की भी जानकारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह हैदराबाद में करीब एक जुलाई से था। इसने निजाम गेट से भड़काऊ भाषण दिया था, इसलिए इसको गिरफ्तार किया गया है। चुना राम ने बताया कि अजमेर दरगाह में 17 जून को एक जुलूस के दौरान असामाजिक तत्वों ने विवादित भाषण दिया था। उस समय मुकदमा दर्ज कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी गौहर चिश्ती फरार था, जिसे हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया है। इसको शरण देने वाले को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
गौरतलब है कि दरगाह के खादिम गौहर चिश्ती पर आरोप है कि अजमेर दरगाह के मुख्य द्वार, जिसे निजाम गेट कहा जाता है, पर 17 जून को नुपूर शर्मा के खिलाफ मुस्लिम समुदाय की एक रैली में पुलिस की मौजूदगी में उसने भड़काऊ भाषण दिए थे। इस संबंध में एक प्राथमिकी 25 जून की रात को दर्ज की गई थी। लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की 28 जून को निर्मम हत्या की घटना हो गयी, उसके बाद अजमेर पुलिस हरकत में आई और गोहर के साथ मौजूद चार लोग फकर जमाली, रियाज और तामिज को 29 जून को गिरफ्तार किया। वहीं, चौथे आरोपी को 30 जून को गिरफ्तार किया गया था।
इन लोगों ने विवादास्पद नारे लगाये थे और अभद्र भाषा के वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए थे। दरगाह पुलिस थाने के एक कांस्टेबल द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि गौहर चिश्ती ने धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर का उपयोग कर ‘‘गुस्ताखी ए नबी की एक ही सजा, सर तन से जुदा, सर तन से जुदा’’ के नारे लगाकर लोगों को उकसाया। कांस्टेबल के मुताबिक भीड़ को हिंसा के लिये उकसाना और हत्या का आह्वान करना संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। इस संबंध में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।