अब दुश्मनों का खात्मा करेगी यूपी में बनी AK-203 राइफल, जानें इसकी खासियत
भारत में बनेगी ak-203. (PC ANI)
भारत
चेतना मंच
07 Dec 2021 10:12 PM
नई दिल्ली. भारतीय सेना (Indian Army) को अब रूसी AK-203 राइफल (AK 203 Assault Rifle) मिलने का रास्ता साफ हो गया है. भारत के दौरे पर आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के दौरे के दौरान रक्षा वार्ता हुई. इसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर, उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव और रूसी रक्षा मंत्री जनरल सर्गेई शोयगू ने हिस्सा लिया. दोनों पक्षों ने उत्तर प्रदेश के अमेठी (Amethi) में छह लाख से अधिक एके-203 राइफलों के संयुक्त उत्पादन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए. सैन्य सहयोग पर समझौते को 10 साल (2021-31) के लिए बढ़ा दिया. यह बेहद शक्तिशाली राइफल है.
2018 में पहली बार हुई थी घोषणा
AK-203 राइफल को इंसास राइफल की जगह लाया जाएगा. इंसास में पिछले दिनों कुछ खामियां आई थीं. ऐसे में यह फैसला लिया गया. आधुनिक AK-203 असॉल्ट राइफल के उत्पादन के प्रस्ताव की घोषणा पहली बार 2018 में की गई थी. लेकिन दाम और हथियार की तकनीक के स्थानांतरण के मुद्दे पर बात नहीं बन सकी थी.
5000 करोड़ है लागत
भारत और रूस के बीच 5000 करोड़ रुपये की लागत से 6 लाख एके-203 के उत्पादन के लिए करार किया गया है. अगले साल से इसका उत्पादन शुरू होने की उम्मीद की जा रही है. इंसास को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने तैयार किया था. 2017 में इसका बेहतर विकल्प तलाशने का फैसला लिया गया था.
ये हैं खासियत
इंसास राइफल की छोटी गोली दुश्मन को सिर्फ चोटिल करती थी. वहीं AK-203 के शामिल करने से यह सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी. AK-203 इंसास राइफल की तुलना में हल्की, छोटी और ज्यादा घातक है. बगैर मैगजीन और बेयोनेट के इंसास राइफल का वजन करीब 4.15 किलो होता है वहीं खाली AK-203 का वजन 3.8 किलो रहता है.
AK-203 की स्टॉक फोल्डेड के साथ लंबाई 705 मिमी है. इंसास में 5.56×45 मिमी बुलेट इस्तेमाल होती है. वहीं AK-203 में 7.62x39 मिमी की बुलेट का उपयोग होता है. इंसास की रेंज 400 मीटर है और AK-203 की साइटिंग रेंज 800 मीटर है. AK-203 की मैगजीन में 30 बुलेट आती हैं वहीं इंसास राइफल में 20 राउंड की क्षमता है.