
Amarnath Yatra 2022 : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मंगलवार को अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक किया। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़े फैसले लिए साथ ही इस यह फैसला लिया गया कि 6 हजार फुट की ऊंचाई पर यात्रा करने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 100 बेड वाले अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही अमरनाथ यात्रा पर आए यात्रियों को किसी तरह की असुविधा ना हो इसके लिए श्रीनगर से विमान सेवाएं बढ़ाने के लिए गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
आपको बता दें कि बीते 2 साल से कोरोना वायरस संक्रमण का काला बादल छाया रहा। कोरोना के संक्रमण को देखते हुए अमरनाथ यात्रा को पिछले 2 साल स्थगित की गयी थी। अब 2 साल बाद एक बार फिर 30 जून से अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है। यह यात्रा 30 जून से 11 अगस्त तक चलेगी।
अमरनाथ यात्रा को लेकर आज हुई बैठक में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समीक्षा बैठक की। इस बैठक में गृह मंत्री ने अधिकारियों को ये बड़े निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधाओं के लिए श्रीनगर से विमान सेवाएं बढ़ाए जाएं। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 6000 फुट की ऊंचाई पर एक सौ बेड के अस्पताल का निर्माण किया जाए। अमरनाथ की यात्रा पर आए यात्रियों को ठहरने के लिए बेहतर टेंट की व्यवस्था की जाए। भूस्खलन से निपटने के लिए सभी तरह की तैयारियां की जाए। यात्रियों की सुविधा के लिए पूरे रास्ते में प्रकाश के बेहतर इंतजाम किए जाएं। घाटी में बढ़ती आतंकी घटनाओं को लेकर इंटेलिजेंस टीम को और सजग रहने के निर्देश भी गृहमंत्री ने दिए।
अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को लेकर आज उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह, बीएसएफ के कई बड़े अधिकारी, केंद्रीय गृह सचिव एके भल्ला समेत गृह मंत्रालय के कई अन्य अधिकारी शामिल रहें।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से ही आतंकी गतिविधियों में तेजी से इजाफा देखा गया है। घाटी में आए दिन सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ की खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में आतंकियों ने जम्मू कश्मीर के कुछ स्थानीय निवासियों खासकर कश्मीर बनाया है परिवार के लोगों ने इसका विरोध करते हुए अपने सरकारी पदों से इस्तीफा भी दे दिया है। आज हुए उच्च स्तरीय बैठक में सबसे ज्यादा फोकस घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ही किया गया।