न्यूयॉर्क शहर के मेयर की चुनावी जंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सार्वजनिक तौर पर विरोध जताने के बावजूद डेमोक्रेट्स प्रत्याशी जोहरान ममदानी की जीत महज चुनावी जीत नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संकेत है। यह ट्रंप के लिए। तो झटका खैर है ही, मतदान के नतीजे यह सवाल भी उठाते हैं कि

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मेयर के चुनाव के नतीजे से बड़े संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर को पूरी दुनिया की वित्तीय राजधानी भी कहा जाता है। न्यूयॉर्क शहर अमेरिका का सबसे बड़ा शहर है। न्यूयॉर्क शहर में हुए मेयर के चुनाव में डेमोक्रेटिव पार्टी के प्रत्याशी जोहरान ममदानी चुनाव जीत गए हैं। स्वभाविक तौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क के मेयर के चुनाव में जोहरान ममदानी को चुनाव हराने के लिए भरपूर ताकत लगाई थी। दुनिया के सबसे ताकतवर राष्ट्रपति के खुले विरोध के बावजूद जोहरान ममदानी ने शानदार जीत दर्ज करके पूरी दुनिया को बड़े संकेत दिए हैं।
न्यूयॉर्क शहर के मेयर की चुनावी जंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सार्वजनिक तौर पर विरोध जताने के बावजूद डेमोक्रेट्स प्रत्याशी जोहरान ममदानी की जीत महज चुनावी जीत नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संकेत है। यह ट्रंप के लिए। तो झटका खैर है ही, मतदान के नतीजे यह सवाल भी उठाते हैं कि क्या शहर की विविधता भरी आबादी वाकई अब पारंपरिक राजनीति के सूत्रों से ऊब चुकी है, या फिर यह पहले से धु्रवीकृत अमेरिका में एक अलग तरह के धु्रवीकरण का प्रतीक है। ममदानी, जो खुद युगांडा में जन्में भारतीय मूल के मुस्लिम प्रवासी हैं, ने एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा को जिस ढंग से हराया, कम से कम उससे तो यही लगता है। चुनाव बोर्ड के अनुसार, बीस लाख से अधिक न्यूयॉर्कवासियों ने चुनाव में मतदान किया, जिससे यह 1969 के बाद से शहर में मेयर पद के लिए सबसे अधिक मतदान वाला चुनाव बन जाता है। न्यूयॉर्क शहर में करीब 48 फीसदी ईसाई और 11 फीसदी यहूदी हैं। यहां मुस्लिम भी नौ फीसदी हैं, जो अमेरिका में सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी का घर है। कहा जाता है कि 9/11 के बाद के इस्लामोफोबिया की विरासत से यह शहर अब तक उबर नहीं सका है। यहां आज तक कोई मुस्लिम मेयर रहा भी नहीं। इसके बावजूद अगर ममदानी को जीत मिली है, तो यह केवल उनकी व्यक्तिगत जीत्त नहीं, बल्कि उनकी सुविचारित मुहिम की जीत अधिक लगती है।
आपको बता दें कि न्यूयॉर्क के मेयर बने जोहरान ममदानी खुद को प्रगतिशील कहते हैं, और न्यूयॉर्क की युवा तथा अल्पसंख्यक आबादी ने उनके इस एजेंडे को हाथों हाथ लिया। अपनी लोकप्रियता को बढ़ाने में उन्होंने अपनी मुस्लिम पहचान और समाजवादी लहजे का भी भरपूर सहारा लिया। न्यूयॉर्क में करीब 70 हजार बेघर लोग हैं। ऐसे में सस्ती और आसान जिंदगी, मुफ्त सेवाओं और सामाजिक न्याय के वायदों ने लोगों को उनकी ओर झुकाया। उन्होंने अमेरिका के सबसे महंगे शहर में सामाजिक कार्यक्रमों का विस्तार करने का वादा किया, तो धनी और बड़ी कंपनियों पर कर लगाकर अपने प्रस्तावों के लिए पैसे जुटाने की उनकी योजना ने उन्हें शहर के अरबपतियों के बीच बेहद अलोकप्रिय बना दिया। इसमें संदेह नहीं कि ट्रंप प्रशासन उनके लिए मुश्किलें पैदा करेगा। ऐसे में सवाल उठता है कि ममदानी अपनी महत्वाकांक्षी मुफ्त योजनाओं के लिए पैसा कहां से लाएंगे। अमेरिका के सबसे बड़े शहर के स्थानीय निकाय का चुनाव कुछ ऐसा हो गया था कि पूरी दुनिया की निगाहें इस पर टिकी थीं। लिहाजा एक मेयर के तौर पर ममदानी की राह आसान नहीं होने वाली, क्योंकि उनकी कामयाबियां और नाकामयाबियां भी उतनी ही बारीकी से परखी जाएंगी।