Andhra Pradesh- सिल्क की 60 मीटर साड़ी पर 13 अलग भाषाओं में 32,200 बार लिखा 'जय श्री राम'
सिल्क की साड़ी पर 32200 बार जय श्री राम (PC- India.com)
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 06:02 PM
Andhra Pradesh- आंध्र प्रदेश राज्य की धर्मावरम (Dharmavaram, Andhra Pradesh) क्षेत्र के रहने वाले बुनकर जुजारू नागराजू ने राम भक्ति की एक अद्भुत मिसाल पेश की है। यह पेशे से एक बुनकर है इन्होंने अपने दिल में बसी राम के प्रति श्रद्धा हो 60 मीटर की एक साड़ी के माध्यम से लोगों के सामने प्रस्तुत किया।
नागराजू में 60 मीटर लंबी और 44 इंच चौड़ी साड़ी में 13 अलग-अलग भाषाओं में 32,200 बार जय श्री राम लिखा। रेशम की इस साड़ी में इन्होंने इतनी खूबसूरती से राम के नाम को लिखा कि लोग इनकी खूबसूरत कला से बेहद प्रभावित हो रहे हैं। और इनका नाम पूरे आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में चर्चा का विषय बना हुआ है।
साड़ी को दिया गया 'राम कोटि वस्त्रम’ नाम-
नागराजू द्वारा राम नाम की मदद से तैयार की गई इस 60 मीटर लंबी साड़ी को ' रामकोटि वस्त्रम' (Ramkoti Vastram) का नाम दिया गया है। आंध्र प्रदेश राज्य के श्री सत्य साईं जिले के धर्मावरम के रहने वाले नागराजू ने 60 मीटर लंबी सिल्क की साड़ी के माध्यम से अपनी अनोखी राम भक्ति की कला सबके सामने जाहिर की है। साड़ी में 13 अलग भाषाओं में 32,200 बार जय श्रीराम का मंत्र लिखकर इन्होंने राम भगवान के प्रति अपनी अनूठी श्रद्धा व्यक्त की है। यही नहीं उन्होंने इस साड़ी का नाम भी भगवान राम के नाम पर रामकोटि वस्त्रम रखा है।
नागराजू द्वारा बनाई गई रामकोटि वस्त्रम नामक साड़ी की और भी बहुत सारी विशेषताएं हैं। साड़ी की लंबाई 60 मीटर और चौड़ाई 44 इंच है। साड़ी पर 13 अलग-अलग भाषाओं में जय श्रीराम का मंत्र लिखा हुआ है। इसके साथ ही इस साड़ी पर रामायण धार्मिक ग्रंथ के एक भाग सुंदरकांड (Sundarkand) में चित्रित भगवान राम के 168 तस्वीरों को चित्रित किया गया है। इस साड़ी को बनाने में 4 महीने से भी अधिक का समय लगा है। इस साड़ी को बनाने के लिए 16 किलो रेशम का इस्तेमाल किया गया है। नागराजू ने अपनी बचत में से डेढ़ लाख रुपए की लागत लगाकर यह साड़ी अयोध्या के रामलला को उपहार स्वरूप देने के लिए तैयार की है।
इस साड़ी को तैयार कर नागराजू ने राम के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा दिखाई है।