
इस हादसे की खबर सुनते ही सदमे से महिला के कैंसर पीड़ित चाचा कालीचरन की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि चाचा काफी दिनों से बीमार थे। इसलिए पहले कामिनी की मौत के बारे में उनको नहीं बताया गया था। सुबह कामिनी की चाचा से बात भी हुई थी। वह उनसे काफी घुली-मिली थी। यही वजह है कि जैसे ही उनको पता चला, सदमे से उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि कामिनी और चाचा दोनों का बुधवार शाम को ही अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि बच्ची अब पहले से बेहतर है। गिरने की वजह से उसे धमक लगी है। उसके पेट में अंदरूनी चोट आई है। गुरुवार सुबह बच्ची को दूध दिया गया है। जब तक वह दूध को पचा नहीं लेती, तब तक अस्पताल में ही रहेगी।