
Tamilnadu- पटरी से उतर प्लेटफॉर्म पर चढ़ी ट्रेन, बड़ा हादसा टलाइस संगठन के जो प्रवक्ता हैं, उनका कहना है कि गैर हिंदू विद्यार्थियों को ईसाई समुदाय का सर्वोच्च ग्रंथ पढ़ने के लिए स्कूल बाध्य कर रहा है। दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन ने खुद का बचाव करने की कोशिश की है। प्रबंधन का कहना है कि स्कूल में बाइबल पर आधारित शिक्षा (Bible based education in school) प्रदान की जाती है। साथ ही प्रबंधन ने यह भी कहा है कि 11वीं कक्षा में प्रवेश के समय ही अभिभावकों से एक घोषणा पत्र पर साइन करवा लिए जाते हैं। इसी पर हिंदूवादी संगठन ने आपत्ति जताई है और उनका कहना है कि स्कूल में गैर ईसाई छात्र भी पढ़ते हैं। ऐसे में उन्हें ज़बरदस्ती बाइबल (Bible) पढ़ने को मजबूर किया जा रहा है।