Bihar News : होमवर्क न करने पर छह साल के बच्चे को मिली मौत की सजा
Vivek Kumar Singh : File Photo
भारत
RP Raghuvanshi
29 Sep 2022 05:59 PM
Bihar News : पटना। एक बच्चे का दोष सिर्फ इतना था कि उसने किसी कारण होमवर्क नहीं किया था। छह साल के उस मासूम को शायद नहीं पता था कि होमवर्क न करने पर उसे मौत की सजा मिलेगी। मानवता को धिक्कारने वाली यह घिनौनी वारदात बिहार के गया जिले में हुई। एक टीचर ने होमवर्क न करने पर छात्र को इतना पीटा की उसकी मौत हो गई। छह साल का बच्चा तीसरी क्लास में स्कूल के ही हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक स्कूल के गेट के बाहर बुधवार को बच्चा गांव के ही एक व्यक्ति को बेसुध हालत में पड़ा मिला। उसका पूरा चेहरा सूजा हुआ था। उसकी नाक से खून बह रहा था। यूनिफॉर्म भी फटी हुई थी। अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई। पीड़ित वजीरगंज- फतेहपुर रोड पर बड़ही बिगहा गांव के पास लिटिल लीडर्स पब्लिक स्कूल में पढ़ता था। उसका घर स्कूल से 3 किलोमीटर दूर था, इसलिए परिवार ने स्कूल के ही हॉस्टल में उसे रखा था। बच्चे की मौत के बाद परिवार ने स्कूल के बाहर हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने बुधवार शाम स्कूल संचालक विकास सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आईपीसी की धारा-302 के तहत हत्या का केस दर्ज किया गया है। बच्चे की मौत के बाद स्कूल को भी बंद करवा दिया गया है। हॉस्टल से भी सभी बच्चों को घर भेज दिया है।
बच्चे के दादा राम बालक प्रसाद ने स्कूल पर मारपीट और बच्चे की हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि पहले भी मारपीट को लेकर शिकायत की थी, लेकिन स्कूल वालों ने कहा था कि अब नहीं होगा। इसके बाद सब ठीक था। दादा ने बताया कि वहां के शिक्षक विकास कुमार सिंह ने उसके पोते विवेक कुमार की पिटाई की और स्कूल से बाहर कर दिया, जिसके बाद स्कूल के बाहर कुछ दूरी पर वह घंटों बेहोश पड़ा रहा। उन्होंने बताया कि इस बीच मेरे गांव उखड़ा का रहने वाला बंटी राजवंशी उसी रास्ते से गुजर रहा था। उसने विवेक को सड़क किनारे देखा तो उसे उठा कर घर ले आया। हम उसे स्कूल ले गए और फिर थाना लेकर गए, लेकिन पुलिस ने पहले इलाज कराने को कहा। फिर उसे गया रेफर कर दिया गया, रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया।
वजीरगंज सीएचसी के डॉ. रविशंकर कुमार ने बताया कि विवेक उनके पास बेहोशी की हालत में आया था। शरीर का ऊपरी भाग पूरी तरह से सूजा हुआ था, उनके परिजन ने बाहर भी इलाज करवाने की बात बताई थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत एएनएमसीएच रेफर कर दिया था।
थानाध्यक्ष राम इकबाल प्रसाद यादव ने बताया कि पीड़ित परिवार ने बच्चे की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगाया है।
गया के प्राइवेट स्कूल में पिटाई से छात्र की मौत का ये पहला मामला नहीं है। इसके पहले जीडी गोयनका स्कूल में भी 8वीं के छात्र कृष्ण प्रकाश की मौत हुई थी। जांच अब तक चल रही है। जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के 8वीं के छात्र कृष्ण प्रकाश (14) की 16 फरवरी को हुई संदिग्ध परिस्थिति में मौत मामले में एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें कृष्ण दोपहर ढाई बजे बजे आराम से अन्य बच्चों के साथ स्कूल की सीढ़ियों से नीचे उतरता दिखता है। इस दौरान वो बिल्कुल सामान्य दिखता है। इसके ठीक 8 मिनट बाद कुछ बच्चे उसको बेहोशी की हालत में बस कॉरिडोर से उठाकर स्कूल में लाते हैं और फिर उसकी मौत हो जाती है।