CDS बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर हादसे पर चश्मदीद का आंखों देखा बयान
CDS Bipin Rawat
भारत
सुप्रिया श्रीवास्तव
30 Nov 2025 12:25 AM
CDS बिपिन रावत- 8 दिसंबर 2021 बुधवार का दिन भारतीय इतिहास के लिए बेहद दुखद रहा। चेन्नई (Chennai) के तमिलनाडु (Tamil Nadu) स्थित कुन्नूर (Kunnur) में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) को ले रहा रहा सेना का हेलीकॉप्टर जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में हेलीकॉप्टर पर सवार CDS बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat), उनकी पत्नी मधुलिका रावत (Madhulika Rawat) समेत 11 अन्य लोगो की मृत्यु हो गई। जबकि एक अन्य शख्स ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह (Captain Varun Singh) की हालत सीरियस बताई जा रही है।
इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। अभी इस दुर्घटना की वजह सामने नहीं आ पाई है। वायुसेना की तरफ से बताए गया है कि इस हादसे की वजह की जांच की जा रही है।
चश्मदीद का बयान आया सामने -
हालांकि हेलीकॉप्टर क्रैश होने की वजह सामने नहीं आ पाई है। लेकिन इस घटना के चश्मदीद का बयान सामने आ गया है। इस घटना के चश्मदीद गवाह बने हैं कृष्णस्वामी (Krishna swami) जो नानजप्पा सैथिराम के रहने वाले हैं। 68 वर्षीय कृष्णा स्वामी का कहना है कि वो इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं।
कृष्णा स्वामी ने अपने बयान में बताया कि वो और एक अन्य व्यक्ति चंद्रकुमार घर से लकड़ी लेने के लिए निकले हुए थे। तभी उन्हें जोरदार आवाज सुनाई दी। इनका कहना है कि आवाज इतनी तेज थी कि बिजली के खंभे भी इस आवाज से हिल गए थे, और कुछ पेड़ भी उखड़ गए थे। पूरा इलाका धुएं से ढक गया था। और पेड़ के ऊपर से आग की लपटें दिखाई दे रही थी। कृष्णा स्वामी ने आगे बताया कि उन्होंने हेलीकॉप्टर के अंदर एक व्यक्ति को जलते हुए देखा। इस दृश्य ने कृष्णस्वामी को अंदर तक हिला कर रख दिया था और वह पुलिस और दमकल बुलाने के लिए अन्य लोगो की मदद के लिए दौड़े। बाद में अन्य अधिकारियों के पहुंचने के बाद हेलीकॉप्टर के अंदर से शव को बाहर निकाला गया। इस पूरी घटना को प्रत्यक्ष देखने के बाद कृष्णा स्वामी काफी सदमे में है।
देश के पहले CDS थे बिपिन रावत -
हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए सीडीएस बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) को 31 दिसंबर 2019 को देश का पहला CDS चुना गया था। इससे पहले यह भारतीय सेना के प्रमुख थे। 31 दिसंबर 2016 से 1 जनवरी 2017 तक थल सेना के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था। जनवरी 2020 को इन्होंने देश के पहले CDS के रूप में कार्यभार संभाला।