सोशल मीडिया पर लगाम लगाएगी केंद्र सरकार, कंटेंट की निगरानी के लिए गठित होगी समिति
Social Media
भारत
RP Raghuvanshi
28 Nov 2025 08:36 PM
Social Media- आज के बदलते दौर में सोशल मीडिया का रोल लोगों की जिंदगी में काफी बढ़ गया है। सोशल मीडिया का बढ़ता हुआ उपयोग कहीं-कहीं लाभदायक साबित हुआ है, तो इसके कुछ दुष्परिणाम भी देखने को मिले हैं। सोशल मीडिया पर किए गए कुछ पोस्ट तो समाज के हित में होते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी पोस्ट होते हैं जिसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि अब सोशल मीडिया पर बंदिशें लगाने के लिए केंद्र सरकार एक समिति का गठन करने की तैयारी में है।
सोशल मीडिया (Social Media Post) पर जो भी पोस्ट हो रहे हैं उनमें से कौन से पोस्ट देश या समाज के हित में है और कौन से देश या समाज के हित में नहीं है यह तय करने के लिए केंद्र सरकार एक समिति बनाने जा रही है। इस समिति के जरिए केंद्र सरकार सोशल मीडिया कंपनियों के साथ मिलकर यह तय करेगी कि कौन सा कंटेंट ऊपर उठाना है और किस कंटेंट को डाउन करना है। जो कंटेंट देश व समाज के हित में नहीं होंगे उन पर लगाम लगाई जाएगी।
आईटी रूल 2021 में होगा संशोधन -
प्राप्त जानकारी के अनुसार आईटी रोल 2021 में संशोधन किया जाएगा जिसके बाद सोशल मीडिया (Social Media platforms) प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, टि्वटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सभी सरकार की निगरानी में आ जाएंगे। इस मुद्दे पर काफी लंबे समय से विचार-विमर्श चल रहा था कि सोशल मीडिया की निगरानी के लिए एक सिस्टम बनाया जाना चाहिए। जिस पर पक्ष और विपक्ष अपने-अपने तर्क लेकर विचार विमर्श कर रहे थे।
सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से लोग अपने विचारों को स्वतंत्रता पूर्वक सबके सामने रख सकते हैं, परंतु अपने विचारों को स्वतंत्रता पूर्वक सबके सामने रखने की इस आजादी का कई बार दुरुपयोग भी हुआ है, जिसके दुष्परिणाम देखने को मिले हैं। जहां एक तरफ हिंसात्मक पोस्ट ने हिंसा की भावना को बढ़ावा दिया है, वही सामाजिक और धार्मिक सौहार्द भी बिगड़े हैं।
ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के जरिए लोगों से इस बारे में फीडबैक लिया गया। इस फीडबैक में बड़ी संख्या में लोगों ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए मॉनिटरिंग पर जोर दिया। इसी को बेस मानते हुए नया कदम उठाने का फैसला किया जा रहा है।
ऐसा होगा समिति का प्रारूप -
आईटी संशोधन नियम 2022 के संबंध में अधिसूचना जारी करने के बाद केंद्र सरकार 3 महीने में एक या अधिक शिकायत व अपील समितियों का गठन करेगी। इस समिति में एक अध्यक्ष व 2 केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त पूर्णकालिक सदस्य होंगे। इसके अलावा एक अपील समिति भी बनाई जाएगी जो सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा लिए गए फैसलों के खिलाफ अपील की सुनवाई करेगी।