चाणक्य नीति में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि किस प्रकार आप धोखेबाज लोगों को पहचानकर उनसे अपनी रक्षा करने में सफल हो सकते हैं। चाणक्य नीति में दी गई यह जानकारी हर किसी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

Chanakya Niti : आचार्य चाणक्य के द्वारा रचित चाणक्य नीति ज्ञान का बहुत बड़ा भंडार है। चाणक्य नीति में दोस्त तथा दुश्मन को पहचानने तथा धोखेबाज तथाकथित दोस्त से बचने के उपाय भी बजाए गए हैं। चाणक्य नीति में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि किस प्रकार आप धोखेबाज लोगों को पहचानकर उनसे अपनी रक्षा करने में सफल हो सकते हैं। चाणक्य नीति में दी गई यह जानकारी हर किसी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। चाणक्य नीति की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि इसमें हर किसी के काम की जानकारी मौजूद है।
चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिस तरह सोने की शुद्धता की पहचान उसे घिसकर, काटकर, गरम करके और पीटकर की जाती है, ठीक उसी तरह एक इंसान के चरित्र की पहचान उसके त्याग, आचरण, गुणों और कर्मों से होती है। Fake People हमेशा मीठा बोलते हैं क्योंकि उनका मकसद आपसे अपना काम निकलवाना होता है। चाणक्य नीति के अनुसार, एक धोखेबाज इंसान की सबसे बड़ी पहचान यह है कि वह आपकी गैर-मौजूदगी में आपकी बुराई करेगा लेकिन आपके सामने आपकी इतनी तारीफ करेगा कि आपको शक ही नहीं होगा। ऐसे लोग अक्सर आपकी कमजोरियों को जानने की कोशिश करते हैं ताकि सही समय पर वह उन पर वार कर सकें। आचार्य चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति हद से ज्यादा मीठा बोलता है, वह सबसे ज्यादा खतरनाक हो सकता है। चाणक्य इसे ‘विषकुम्भं पयोमुखम्’ कहते हैं, यानी ऐसा घड़ा जिसके ऊपर तो दूध है लेकिन अंदर जहर भरा हुआ है। Cunning People कभी भी आपका सीधा विरोध नहीं करेंगे।
चाणक्य नीति में बताया गया है कि वे हमेशा आपकी हर बात का समर्थन करेंगे, चाहे आप गलत ही क्यों न हों। ऐसा इसलिए क्योंकि वे नहीं चाहते कि आप अपनी गलती सुधारें और सफल हों। Selfish Friends सिर्फ तभी तक आपके पास रहते हैं जब तक उन्हें आपसे कोई फायदा मिल रहा होता है। अगर आपको किसी पर शक है, तो चाणक्य नीति कहती है कि उसे परखने के लिए उसे कोई छोटा सा लालच देकर देखें। अगर वह इंसान उस लालच में फंस जाता है और आपके हितों को नुकसान पहुंचाता है, तो समझ लीजिए कि वह धोखेबाज है। इसके अलावा, अपनी Personal Information और बिजनेस की गुप्त बातें कभी भी किसी को न बताएं। चाणक्य कहते हैं कि वह मित्र जो आपके गुप्त राज जानता है, वह दुश्मन से भी ज्यादा डरावना हो सकता है क्योंकि वह जानता है कि आपको चोट कहाँ पहुँचानी है।