गर्मी में नवरात्रि व्रत कैसे रखें सेहतमंद, पढ़ें 9 दिन का फुल गाइड

गर्मी के मौसम में व्रत रखते समय केवल पूजा पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होता बल्कि खान-पान, पानी की मात्रा, नींद और हल्की एक्सरसाइज का भी ध्यान रखना जरूरी है। सही योजना के बिना लंबे समय तक उपवास रखना शरीर को थका सकता है और डिहाइड्रेशन, कमजोरी या चक्कर जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।

Chaitra Navratri Kab hai
चैत्र नवरात्रि कब है
locationभारत
userअसमीना
calendar19 Mar 2026 11:41 AM
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नवरात्रि हिंदू धर्म का एक पवित्र पर्व है जिसमें मां दुर्गा की आराधना के साथ नौ दिनों तक व्रत रखा जाता है। यह केवल भक्ति का समय नहीं है बल्कि आत्मशुद्धि और संयम का भी अवसर है। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाई जाएगी। गर्मी के मौसम में व्रत रखते समय केवल पूजा पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होता बल्कि खान-पान, पानी की मात्रा, नींद और हल्की एक्सरसाइज का भी ध्यान रखना जरूरी है। सही योजना के बिना लंबे समय तक उपवास रखना शरीर को थका सकता है और डिहाइड्रेशन, कमजोरी या चक्कर जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।

नवरात्रि का कैलेंडर

चैत्र नवरात्रि 2026 में 19 मार्च गुरुवार से शुरू होकर 27 मार्च शुक्रवार तक चलेगी। इन नौ दिनों में व्रत रखने वाले लोग हल्का और पोषक भोजन लेकर खुद को एनर्जेटिक बनाए रखते हैं। यह समय भक्ति के साथ-साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखने का भी होता है।

व्रत के दौरान क्या खाएं?

गर्मी में व्रत रखते समय ऐसे फूड्स का सेवन करें जो शरीर को ऊर्जा दें और कमजोरी से बचाएं। फल जैसे केला, सेब, पपीता और अनार शरीर में आवश्यक मिनरल्स और विटामिन्स प्रदान करते हैं। ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, काजू और किशमिश भी ऊर्जा बढ़ाते हैं। इसके अलावा साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़े का आटा व्रत के दौरान पोषण का अच्छा स्रोत हैं। दही, दूध और पनीर का सेवन प्रोटीन की कमी को पूरा करता है और शरीर को ताजगी देता है।

किन चीजों से बचें?

व्रत के दौरान तला-भुना या ज्यादा मसालेदार खाना, अत्यधिक मीठा और अधिक नमक से परहेज करें। चाय और कॉफी का अत्यधिक सेवन भी शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है और डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है। इन चीजों से बचकर आप व्रत के दौरान भी सेहतमंद और एनर्जेटिक रह सकते हैं।

पानी और हाइड्रेशन का महत्व

गर्मी के मौसम में व्रत रखते समय पानी का पर्याप्त सेवन बेहद जरूरी है। दिनभर में छोटे-छोटे अंतराल पर पानी पीते रहें और नारियल पानी या फ्रूट जूस जैसी नेचुरल ड्रिंक्स का सेवन करें। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी और थकान कम महसूस होगी।

हल्की एक्सरसाइज और नींद

नौ दिन का उपवास रखते समय हल्की एक्सरसाइज जैसे वॉक या योग करें। यह शरीर को सक्रिय रखती है और मानसिक संतुलन भी बनाए रखती है। साथ ही पर्याप्त नींद लेना जरूरी है जिससे शरीर खुद को रिकवर कर सके और दिनभर एनर्जेटिक महसूस हो।

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Eid 2026: भारत में कब है ईद-उल-फितर? आ गई तारीख!

Eid Kab hai: ईद-उल-फितर 2026 का इंतजार भारत में हर मुस्लिम परिवार में खास उत्साह के साथ किया जा रहा है। यह त्योहार रमजान के पाक महीने के समापन का प्रतीक है जब पूरे महीने मुसलमान रोजा रखते हैं और इबादत करते हैं।

Eid-Ul-Fitr
भारत में ईद-उल-फितर कब मनाई जाएगी
locationभारत
userअसमीना
calendar18 Mar 2026 12:33 PM
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ईद-उल-फितर 2026 का इंतजार भारत में हर मुस्लिम परिवार में खास उत्साह के साथ किया जा रहा है। यह त्योहार रमजान के पाक महीने के समापन का प्रतीक है जब पूरे महीने मुसलमान रोजा रखते हैं और इबादत करते हैं। इस साल लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि ईद 20 मार्च को होगी या 21 मार्च को। इसका जवाब सीधे तौर पर चांद के दिखने पर निर्भर करता है।

ईद-उल-फितर कब मनाई जाएगी?

ईद-उल-फितर की तारीख इस्लामिक कैलेंडर और चांद के दीदार पर निर्भर करती है। यदि 19 मार्च की शाम को चांद दिखाई देता है तो भारत में ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी। वहीं अगर चांद 20 मार्च की रात को दिखे तो ईद 21 मार्च को होगी। ईद के दिन रमजान का महीना समाप्त होता है और इबादत का नया महीना शव्वाल शुरू होता है।

ईद-उल-फितर का महत्व

ईद सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि भाईचारे और खुशियों का प्रतीक है। इस दिन मुसलमान अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं, मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और गरीबों की मदद के लिए फितरा देते हैं। यह दिन पूरे परिवार और समुदाय को एक साथ लाने का अवसर भी है।

हर साल ईद की तारीख में बदलाव क्यों होता है?

ईद की तारीख हर साल बदलती रहती है और यह सवाल आम है कि ऐसा क्यों होता है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं चंद्र कैलेंडर और चांद के दीदार की स्थिति।

चंद्र कैलेंडर और ईद

दुनिया में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाला ग्रेगोरियन कैलेंडर सूर्य पर आधारित होता है जबकि इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है। चंद्र कैलेंडर सूर्य कैलेंडर से लगभग 10-11 दिन छोटा होता है। यही कारण है कि हर साल ईद पिछले साल की तुलना में 10-11 दिन पहले आती है।

चांद दिखने पर तय होती है तारीख?

ईद की अंतिम तारीख स्थानीय धार्मिक कमेटी या रुअत-ए-हिलाल कमेटी द्वारा चांद दिखाई देने के बाद ही तय की जाती है। चांद का दीदार मौसम और भौगोलिक स्थिति पर भी निर्भर करता है। इसी वजह से दिल्ली, मुंबई और केरल जैसे शहरों में कभी-कभी ईद का दिन एक-दूसरे से अलग हो सकता है।

क्यों है यह जानकारी जरूरी?

ईद के दिन और उसकी तैयारी हर परिवार के लिए खास होती है। सही तारीख का पता होना जरूरी है ताकि नमाज, दान और उत्सव की तैयारी सही समय पर हो सके। चांद के दीदार की यह प्रक्रिया न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि पूरे समुदाय को एक साथ जोड़ने का भी काम करती है।

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मरने के बाद क्या सच में होता है ऐसा? हकीकत जानकर पैरों तले खिसक जाएगी जमीन

Death Experience: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर कई लोग अपने अनुभव साझा कर चुके हैं जिनमें वे डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद लौट आए। उनके अनुभव चौंकाने वाले और कभी-कभी दिल छू लेने वाले हैं।

Near Death Experience
मरने के बाद क्या होता है?
locationभारत
userअसमीना
calendar15 Mar 2026 12:55 PM
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मौत इंसान के जीवन का सबसे बड़ा रहस्य है। हालांकि विज्ञान ने कई क्षेत्रों में प्रगति की है फिर भी यह समझना मुश्किल है कि मरने के बाद क्या होता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर कई लोग अपने अनुभव साझा कर चुके हैं जिनमें वे डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद लौट आए। उनके अनुभव चौंकाने वाले और कभी-कभी दिल छू लेने वाले हैं।

किताबों की तरह पलटते जीवन के पन्ने

एक यूजर ने अपनी बड़ी सर्जरी के दौरान अनुभव साझा किया। शरीर से इतना खून बहा कि डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया लेकिन कुछ मिनट के बाद वे वापस आ गए। उन्होंने बताया कि उन्हें एक शांत और खाली जगह महसूस हुई न गर्मी, न सर्दी, न भूख। जीवन की घटनाएं उनके सामने किसी किताब के पन्नों की तरह धीरे-धीरे उभर रही थीं। इस अनुभव ने उनके दृष्टिकोण को बदल दिया और मृत्यु के डर को थोड़ा कम कर दिया।

प्रियजनों का स्वागत

एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि बाइक दुर्घटना के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। जब उन्होंने आंखें खोलीं तो अपने भाई को देखा जो पहले इस दुनिया में नहीं था। यह दृश्य उनके लिए आश्चर्यजनक था और उन्हें एहसास हुआ कि मृत्यु केवल एक शारीरिक स्थिति है और कुछ पल के लिए वे अपने प्रियजनों के साथ जुड़ सकते हैं।

रहस्यमय बगीचा

एक महिला ने अपने एलर्जी रिएक्शन के कारण दिल रुकने के बाद का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें धीरे-धीरे पीछे की ओर खींचा जा रहा था और अचानक एक सुनसान बगीचा दिखाई दिया। वहां फूल नहीं थे केवल धूल और घास और बीच में दो बच्चे खेल रहे थे। वह महसूस कर रही थीं कि वे रुक सकती हैं या आगे जा सकती हैं लेकिन कुछ शक्ति उन्हें रोक रही थी। आखिरकार उन्होंने अपने परिवार की चिंता जताई और फिर लौट आईं।

अजीबोगरीब चुटकुलों वाला अनुभव

एक रेडिट यूजर ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने के बाद वे तीन बार मृत घोषित किए गए। हर बार जब उन्हें होश आया तो उन्होंने मेडिकल स्टाफ को हल्के-फुल्के चुटकुले सुनाए। उनके अनुभव में कोई प्रकाश नहीं था बस नींद जैसी शांति महसूस हुई।

सन्नाटा और खालीपन

एक और यूजर की सांस और धड़कन रुक गई, शरीर में ऐंठन हुई लेकिन कुछ मिनट के बाद दोस्त की मदद से वह होश में आए। उन्होंने बताया कि वह समय बस एक सन्नाटा था न सपने, न कल्पना, न कोई दृश्य। उन्होंने महसूस किया कि जीवन का मूल्य कितनी अनमोल चीज है।