
Coal Crisis in india : गर्मी का मौसम शुरु हो चुका है और कुछ राज्यों में बिजली कटौती भी शुरु कर दी गई है। बिजली उत्पाद में कोयला अहम भूमिका निभाता है। इसलिए आपको बता दें कि भारत में कोयला संकट बरकार है। कोयला खाद्यानों में कोयला उत्पादन लगातार गिर रहा है। ऐसे में यदि यह कहा जाए कि आने वाले दिनों में देश के अधिकांश राज्यों के लोगों को बिजली के संकट से जूझना पड़ सकता है तो गलत नहीं होगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड और बिहार में इस वक्त बिजली की मांग के मुकाबले आपूर्ति में 3 प्रतिशत की कमी है। वहीं, केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय का आकलन है कि देश के कुल ऊर्जा उत्पादन में मार्च-2023 तक 15.2 प्रतिशत की बढ़त हो सकती है। जबकि मांग इसकी तुलना में बीते 38 सालों के मुकाबले सबसे तेजी से बढ़ सकती है। यानि समस्या बनी रह सकती है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश सहित आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और तेलंगाना बिजली-कटौती शुरू हो गई है। देश के सबसे बड़े औद्योगिक प्रदेश महाराष्ट्र तो अनिवार्य बिजली कटौती लागू करने के मुहाने पर पहुंच चुका है। गुजरात और तमिलनाडु ने अपनी ऊर्जा-कंपनियों को महंगे दामों पर अन्य राज्यों से बिजली खरीदने की इजाजत दी है, ताकि बिजली-कटौती से बचा जा सके।
बताया जाता है कि मांग की तुलना में इस वक्त बिजली आपूर्ति में 1.4% की कमी है। यह नवंबर-2021 में हुई 1% कमी से भी ज्यादा है। आपको बता दें कि उस वक्त देश ने कुछ दिन तक गंभीर रूप से कोयले की कमी का सामना किया था, जो कि देश में ऊर्जा उत्पादन का मुख्य संसाधन है।
महाराष्ट्र में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच 2,500 मेगावॉट का अंतर है। इसके बाद राज्य बिजली वितरण कंपनी ग्रामीण और शहरी इलाकों में समान रूप से अनिवार्य बिजली कटौती लागू कर रही है। महाराष्ट्र में इस वकत 28,000 मेगावॉट बिजली की मांग है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 4,000 मेगावॉट बिजली की मांग थी। इसी के बाद राज्य ऊर्जा नियामक आयोग को बिजली कटौती की योजना बनाकर भेजी गई है। वहां से मंजूरी के बाद कटौती लागू हो जाएगी।
आंध्र प्रदेश में भी महाराष्ट्र जैसे ही हाल हैं। वहां बिजली की मांग और आपूर्ति में 8.7 प्रतिशत की कमी बनी हुई है। इससे उद्योगों को भी उनकी जरूरत की तुलना में 50 प्रतिशत ही बिजली मिल पा रही है। राज्य के अंदरूनी इलाकों में कई-कई घंटों की बिजली कटौती हो रही है।