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कॉकरोच का अस्तित्व बेहद पुराना है। अलग-अलग रिसर्च में इसकी उम्र को लेकर अलग दावे किए गए हैं लेकिन कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह जीव करीब 20 करोड़ साल या उससे भी ज्यादा समय से पृथ्वी पर मौजूद है। यही वजह है कि इसे धरती के सबसे मजबूत और अनोखे जीवों में गिना जाता है।

इन दिनों सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” का नाम तेजी से वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम, फेसबुक और X पर लोग इसे लेकर मजेदार पोस्ट और मीम्स शेयर कर रहे हैं। कई सेलेब्स के नाम भी इस ट्रेंड से जुड़ रहे हैं लेकिन इस पूरे वायरल ट्रेंड के बीच एक बार फिर लोगों की नजर उस छोटे से जीव पर गई है जिसे हम अक्सर अपने घरों में देखते हैं कॉकरोच। घर के किचन, बाथरूम या नमी वाली जगहों पर दिखने वाला कॉकरोच लोगों को भले परेशान करता हो लेकिन वैज्ञानिकों के लिए यह बेहद दिलचस्प जीव है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह धरती के सबसे पुराने जीवित कीड़ों में गिना जाता है। माना जाता है कि कॉकरोच करोड़ों सालों से धरती पर मौजूद है और कई बड़े प्राकृतिक बदलावों के बाद भी खुद को जिंदा रखने में सफल रहा है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, कॉकरोच का अस्तित्व बेहद पुराना है। अलग-अलग रिसर्च में इसकी उम्र को लेकर अलग दावे किए गए हैं लेकिन कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह जीव करीब 20 करोड़ साल या उससे भी ज्यादा समय से पृथ्वी पर मौजूद है। यही वजह है कि इसे धरती के सबसे मजबूत और अनोखे जीवों में गिना जाता है।
कॉकरोच के बारे में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसका सिर कटने के बाद भी यह कई दिनों तक जिंदा रह सकता है। आमतौर पर किसी भी जीव का सिर कटते ही उसकी मौत हो जाती है लेकिन कॉकरोच का शरीर अलग तरीके से काम करता है। दरअसल, कॉकरोच इंसानों की तरह मुंह या नाक से सांस नहीं लेते। उनके शरीर में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं जिनसे वह सांस लेते हैं। यही कारण है कि सिर कटने के बाद भी उनका शरीर कुछ समय तक काम करता रहता है।
कॉकरोच अपनी सांस को लंबे समय तक रोक सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह करीब 40 मिनट तक बिना सांस लिए रह सकता है। यही वजह है कि पानी में गिरने के बाद भी कई बार कॉकरोच आसानी से बच निकलता है। इतना ही नहीं यह बिना खाना खाए करीब एक महीने तक जिंदा रह सकता है। हालांकि पानी के बिना इसकी जिंदगी ज्यादा लंबी नहीं चलती और करीब एक हफ्ते बाद इसकी हालत खराब होने लगती है।
आपने अक्सर देखा होगा कि जैसे ही कॉकरोच पर पैर रखने की कोशिश करो वह तेजी से भाग जाता है। इसकी वजह उसके पैरों में मौजूद बेहद संवेदनशील बाल होते हैं। ये बाल हवा में होने वाले छोटे बदलाव को भी महसूस कर लेते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, कॉकरोच महज कुछ सेकंड के छोटे हिस्से में खतरे को पहचानकर दिशा बदल सकता है। यही वजह है कि इसे पकड़ना इतना मुश्किल होता है।
कॉकरोच को लेकर एक और चौंकाने वाली बात यह है कि यह लगभग हर चीज खा सकता है। खाने-पीने की चीजों के अलावा यह गोंद, साबुन, चमड़ा, किताबों के कवर, पेंट और यहां तक कि इंसानों के बाल भी खा सकता है। इसी वजह से घरों में कॉकरोच को नुकसानदायक माना जाता है। ये न सिर्फ सामान खराब करते हैं बल्कि गंदगी फैलाने की वजह से कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देते हैं।
दुनियाभर में कॉकरोच की 4 हजार से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। हालांकि इनमें से बहुत कम प्रजातियां ही इंसानों के घरों में रहती हैं। ज्यादातर कॉकरोच जंगलों और प्राकृतिक जगहों पर पाए जाते हैं। घरों में दिखने वाले कॉकरोच आमतौर पर नमी और अंधेरी जगहों को पसंद करते हैं। दिन में ये छिपे रहते हैं और रात में ज्यादा सक्रिय होते हैं।
इन दिनों “कॉकरोच जनता पार्टी” के वायरल होने के बाद लोग कॉकरोच के बारे में इंटरनेट पर काफी सर्च कर रहे हैं। कई लोग इसके बारे में मजेदार बातें जानना चाहते हैं तो कुछ इसके पीछे की साइंस समझने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। भले ही कॉकरोच लोगों को डराता हो या परेशान करता हो लेकिन यह सच है कि यह जीव प्रकृति के सबसे मजबूत और जिद्दी जीवों में से एक माना जाता है। करोड़ों साल बाद भी इसका अस्तित्व बने रहना अपने आप में बेहद दिलचस्प बात है।
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