
corona : देश में कोरोना (corona) की तीसरी लहर का कहर जारी है। नए मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में कोरोना (corona) के बढ़ते संक्रमण के बीच पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव (Assembly elections 2022) भी होने हैं। पंजाब, गोवा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मणिपुर में वोटिंग होगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए चुनाव आयोग (Election commission) ने रैलियों और रोड शो पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। वहीं अब आयोग (Election commission) ने इस रोक को 31 जनवरी कर बढ़ा दिया है।
दरअसल आठ जनवरी को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब सहित पांच राज्यों में चुनावों की तारीखों का ऐलान करते हुए चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक किसी भी तरह की चुनावी रैलियों, रोड शो और बाइक शो पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने की घोषणा की थी। कोरोना के मद्देनजर फिर निर्वाचन आयोग ने 15 जनवरी तक की रोक को 22 जनवरी तक बढ़ा दिया था। वहीं अब एक बार फिर से चुनाव आयोग ने इसे 31 जनवरी कर कर दिया है। यानी अब 31 जनवरी तक किसी भी तरह की कोई भी चुनावी सभा पर रोक रहेगी।
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एनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक निर्वाचन आयोग ने शारीरिक रैलियों और रोड शो पर प्रतिबंध 31 जनवरी तक बढ़ा दिया है। वहीं पहले चरण के राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की शारीरिक सार्वजनिक बैठकों के लिए 28 जनवरी से, दूसरे 2 के लिए 1 फरवरी से छूट दी गई है। डोर-टू-डोर अभियान के लिए 5 लोगों की सीमा को 10 तक बढ़ाई गई है। कोरोना प्रतिबंधों के साथ खुले स्थानों पर प्रचार के लिए वीडियो वैन की अनुमति दी गई है।
इससे पहले अपने बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा था कि चुनाव आयोग उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा, जो उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया था कि यह सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव या जिला मजिस्ट्रेट व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे कि सभी कोविड से संबंधित प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। वहीं चुनाव आयोग ने कोरोना गाइडलाइन भी जारी थी कि जिसमें डोर-टू-डोर कैंपेन के लिए अनुमति देने वाले व्यक्तियों की संख्या को पांच तक सीमित कर दिया गया था।