Criminal Procedure Bill 2022:अब कानून के पास होगा अपराधियों का फिजिकल और बायोलॉजिकल दोनों रिकॉर्ड, बन रहा नया कानून
अपराधियों की पहचान को लेकर नया कानून (PC- अमर उजाला)
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 08:59 AM
Criminal Procedure Bill 2022: अपराधियों की पहचान को लेकर आज संसद में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी (Ajay Mishra Teni) द्वारा एक खास बिल क्रिमिनल प्रोसीजर (Criminal Procedure 2022) पेश किया गया है। यदि यह बिल पास होता है, पुलिस के लिए अपराधियों के पहचान का रिकॉर्ड रखना आसान हो जाएगा। इसके साथ ही बिल के पास होते ही वर्तमान में अपराधियों की पहचान के लिए मौजूद कानून आइडेंटिफिकेशन ऑफ प्रिजनर्स एक्ट 1920 को खत्म कर दिया जाएगा।
अपराधियों की पहचान के लिए नया कानून लाना क्यों है आवश्यक -
अपराधियों की पहचान के लिए पहला कानून साल 1920 में आया था उस समय मेडिकल में सिर्फ फुटप्रिंट्स और फिंगरप्रिंट्स कलेक्ट करने की इजाजत थी। इसी बात का हवाला देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने संसद में नया बिल पेश किया है जिसमें आरोपियों के सभी तरह के माप लेने की इजाजत है। क्रिमिनल प्रोसीजर (आइडेंटिफिकेशन) बिल (Criminal Procedure Bill 2022) में आरोपियों के फिंगरप्रिंट और फुटप्रिंट के अलावा रेटिना, हाथों के प्रिंट, फोटो के साथ-साथ बायोलॉजिकल सैंपल लेने की बात की गई है।
यदि यह बिल पास हो जाता है तो पुलिस रिकॉर्ड में किसी भी अपराधी के फिजिकल रिकॉर्ड के साथ-साथ बायोलॉजिकल रिकॉर्ड दर्ज रहेगा। बिल के पास होते ही फिजिकल एवं बायोलॉजिकल रिकॉर्ड के साथ साथ पुलिस के पास आरोपियों एवं दोषियों के सिग्नेचर और हैंडराइटिंग का भी रिकॉर्ड रखा जा सकेगा।
नया कानून जांच एजेंसियों के लिए मददगार साबित होगा-
क्रिमिनल प्रोसीजर (आइडेंटिफिकेशन) बिल (Criminal Procedure Bill 2022) जांच एजेंसियों के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। अजय मिश्र टेनी (Ajay Mishra Teni) के मुताबिक दुनिया में तेजी से बढ़ने तकनीकी और वैज्ञानिक बदलाव के साथ साथ अपराध के मामले भी काफी बढ़ रहे हैं। ऐसे में यदि अपराधियो के पहचान से जुड़ा नया कानून बनता है, इससे ना केवल जांच एजेंसियों को मदद मिलेगी बल्कि कन्विक्शन रेट भी बढ़ेगा।