Sanskrit : जीमूतस्येव भवति प्रतीकं यद्वर्मी याति समदामुपस्थे।
अनाविद्धया तन्वा जय त्वं स त्वा वर्मणो महिमा पिपर्तु॥ ऋग्वेद ६-७५-१॥
Hindi : वीर, कवच द्वारा सुरक्षित हो करके बादल की तरह संग्राम में गरजता हुआ जाता है, शत्रुओं पर बिना घायल हुए विजय प्राप्त करता है। उसी प्रकार हमें अपने जीवन के संग्राम में अपने शरीर की सुरक्षा करते हुए विजय प्राप्त करनी चाहिए। (ऋग्वेद ६-७५-१)
English : A warrior, protected by armour, roars like a cloud in battle, wins over the enemies without being injured. In the same way, we should win the battle of our life with the protection of our body. (Rig Veda 6-75-1)