Sanskrit : त्वद्भियेन्द्र पार्थिवानि विश्वाच्युता चिच्च्यावयन्ते रजांसि।
द्यावाक्षामा पर्वतासो वनानि विश्वं दृळ्हं भयते अज्मन्ना ते॥ ऋग्वेद ६-३१-२॥
Hindi : हे परमेश्वर! आपके डर से पृथ्वीलोक, द्युलोक, आदि जिनका अपने स्थान से हिलना भी कठिन है। वह भी आप की व्यवस्था के अनुसार क्रियाशील होते हैं। समस्त संसार प्रभु के शासन में ही चलता है। (ऋग्वेद ६-३१-२)
English : O God! Due to your fear, Prithviloka, Dulok, etc., which are difficult to move from their own place. They also move according to your system. The whole world runs under your rule. (Rig Veda 6-31-2)