Sanskrit : न यं हिंसन्ति धीतयो न वाणीरिन्द्रं नक्षन्तीदभि वर्धयन्तीः।
यदि स्तोतारः शतं यत्सहस्रं गृणन्ति गिर्वणसं शं तदस्मै॥ ऋग्वेद ६-३४-३॥
Hindi : परमेश्वर को कोई शब्द या क्रिया कभी भी हानि नहीं पहुंचा सकते। परमेश्वर की सैकड़ों, हजारों लोग स्तुति करते हैं जो उनको प्रसन्न करती है। वह ही परम आराधना के पात्र हैं। हमें उनकी स्तुति करनी चाहिए। (ऋग्वेद ६-३४-३)
English : No word or action can ever harm God. Hundreds, thousands of people praise God for what pleases him. He is the one worthy of the utmost worship. We should praise Him. (Rig Veda 6-34-3)