Sanskrit : सत्रा मदासस्तव विश्वजन्याः सत्रा रायोऽध ये पार्थिवासः।
सत्रा वाजानामभवो विभक्ता यद्देवेषु धारयथा असुर्यम्॥ ऋग्वेद ६-३६-१॥
Hindi : हे परमेश्वर! आपका आनंद संसार के सभी प्राणियों के लिए है। वास्तव में पृथ्वी का सभी धन, अन्न और वैभव सभी के हित के लिए है। आप ही सभी देवताओं (जो देता है) सूर्य आदि में बल को स्थापित करते हो। (ऋग्वेद ६-३६-१)
English : O God! Your joy is meant for all beings in the world. All the wealth, food and splendour of the earth are for the benefit of all. You establish the vigour in all the Devtas (one who gives), the sun, etc. (Rig Veda 6-36-1)