Sanskrit : अहेळमान उप याहि यज्ञं तुभ्यं पवन्त इन्दवः सुतासः।
गावो न वज्रिन्स्वमोको अच्छेन्द्रा गहि प्रथमो यज्ञियानाम्॥ ऋग्वेद ६-४१-१॥
Hindi : प्रभु का प्रकाश हमें सदैव जीवन यज्ञ में प्राप्त हो। हमारा हृदय प्रभु का घर बन जाए। जिस प्रकार गाय अपने बछड़े की ओर भागती है उसी प्रकार हमारी उपासना का सोम प्रभु की ओर दौड़े। (ऋग्वेद ६-४१-१)
English : May we always get the light of GOD in the Yajna of life. May our heart become the house of the Lord. The SOM(elixir) of our adoration should move towards God in the same way that a cow runs towards its calf.(Rig Veda 6-41-1)