
धरने पर बैठे सतेन्द्र का कहना है कि सर्किल रेट का 4 गुना मुआवजा सहित 20 प्रतिशत प्लॉट आबादी की जमीन छोड़ी जाने की मांग को लेकर वह धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वह अपनी मांगों को लेकर कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के आला अधिकारियों से मिले लेकिन आज तक उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया जिसके चलते मजबूर होकर किसान धरने प्रदर्शन पर बैठ गए।
धरने पर बैठी रामकली का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती हैं उनका आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा।
वही किसानों का कहना है कि प्राधिकरण के द्वारा जबरन की जमीन तो ले ली गई लेकिन ना तो अभी उन्हें मुआवजा मिला है और ना ही जमीन के बदले जमीन दी गई है जिसके चलते उनके बालक बच्चे और सड़क पर आ गए हैं।