नि:संकोच : लड़की को केवल 14 सेकेंड से कम घूरना अपराध नहीं!
भारत
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 06:26 PM
विनय संकोची
रुटीन खबरों के बीच कुछ ऐसी खबरें भी आ जाती हैं, जो अपनी ओर ध्यान खींचती हैं और टिप्पणी करने को मजबूर करती हैं। एक खबर पढ़ने में ऐसी आई, जो लड़कियों को घूरने वालों को बड़े संकट में डालने का संकेत दे रही है। तमिलनाडु के एक वरिष्ठ आईपीएस अफसर ने कहा कि अगर कोई लड़का किसी महिला को, किसी युवती को 14 सेकेंड के लिए भी घूरता है, तो उसके विरुद्ध यौन उत्पीड़न का केस दर्ज हो सकता है।
14 सेकंड का आंकड़ा समझ नहीं आया। पर यह बात तो सही है कि 14 सेकंड में नजरों से कहा तो बहुत कुछ जा सकता है और इसका प्रमाण है टीवी चैनलों पर चलने वाले 15 सेकेंड वाले तमाम विज्ञापन जो इस अल्प समय में ही अपनी पूरी बात कह जाते हैं।...तो सावधान हो जाएं युवतियों-महिलाओं को घूरने वाले। हो सकता है सरकारें आईपीएस की कही बात को बेशक कानून ने बनाएं लेकिन कुछ स्वयंभू 'महिला सम्मान रक्षक दल' इसे जरूर अपना सकते हैं। ...और फिर वह कर सकते हैं जो घूरने वाले ने सपने में भी नहीं सोचा होगा। बहरहाल मेरा फर्ज़ आपको सावधान करना था, सो कर दिया बाकी आप जानो, आपका राम जाने।
अब आते हैं दूसरी खबर पर अमरीकी वैज्ञानिकों ने अगले 10 वर्ष में केले के विलुप्त होने की चेतावनी कुछ वर्ष पूर्व दी थी। अगर केला विलुप्त हो गया तो व्रत में लोग क्या खाएंगे? सत्य नारायण भगवान के व्रत में केले की जगह कौन सा पेड़ पुजेगा, बंदरों को केले खिलाकर पुण्य कमाने वालों का क्या होगा?
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने लंबे शोध के बाद कहा था - 'केलों का विलुप्तीकरण एक फंगस से होने वाली सिगातोका कॉम्प्लेक्स के कारण होगा। सिगातोका कॉम्प्लेक्स से केले के पेड़ में समस्याएं आ जाती हैं, जिससे पौधा सूखने लगता है।
भ्रष्ट नेता दुनिया के हर छोटे-बड़े देश में पाए जाते हैं। वरिष्ठ अफसरों, कर्मचारियों की फसल भी हर छोटे-बड़े देश में लहलहाती है, किसी देश में कम तो किसी में ज्यादा। क्या कोई ऐसा फंगस कोई, ऐसा जीवाणु, कोई कॉम्प्लेक्स ऐसा नहीं है जो भ्रष्ट नेताओं और अफसरों की उस लालसा को सुखा दे, जो उन्हें भ्रष्टाचार के लिए उकसाती है। कोई ऐसा फंगस वैज्ञानिक विकसित भी तो कर सकते हैं, जिससे भ्रष्ट नेताओं और अफसरों का शरीर तो सुरक्षित रहे, वे जीवित तो रहें लेकिन उनका लालच मर जाए। अगर ऐसा फंगस तैयार हो गया तो तमाम देश खुशहाल होकर भ्रष्टाचार मुक्ति का जश्न मना सकेंगे।...और कल को ऐसा भी हो सकता है, वैज्ञानिक ऐसा फंगस, ऐसा जीवाणु तैयार करने में भी कामयाब हो जाएं, जो देश के दुश्मन आतंकवादियों के दिलों की नफरत को धो डाले। देखो जी हो तो बहुत कुछ सकता है, क्योंकि विज्ञान बहुत आगे बढ़ रहा है और नए नए आविष्कारों से दुनिया को चमत्कृत कर रहा है।