
Gorakhnath Temple Attack : गोरखनाथ मंदिर पर हुए हमले (Gorakhnath Temple Attack) के मामले में एटीएस ने आरोपी मुर्तुजा अब्बासी (Gorakhnath Temple Attack) से अज्ञात स्थान पर पूरी रात पूछताछ की। एटीएस ने गोरखनाथ मठ में जाने, वहां 'अल्लाहो अकबर' के नारे लगाने और फिर धारदार हथियार से हमला कर देने की वजह पूछी गई। इसके साथ ही मुर्तुजा से उसके आतंकी कनेक्शन के बारे में भी कई सवाल किए गए।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुर्तजा एक पढ़े-लिखे औऱ संपन्न परिवार के बैंकग्राउंड से आता है। उसने खुद 2015 में आईआईटी मुंबई जैसी प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था से केमिकल इंजीनियरिंग की पढाई की। इसके बाद उसने रिलांयस और एस्सार जैसे देश की प्रतिष्ठित कॉरपोरेट में कार्य किया।
आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी गोरखपुर के सिविल लाइन इलाके का रहने वाला है। उसके पिता कई फाइनेंस कंपनियों में लीगल एडवाइजर रह चुके हैं। जबकि उसके चाचा गोरखपुर के बड़े डॉक्टर हैं और वहां की जानी मानी हास्पिटल अब्बासी अस्पताल के मालिक भी हैं। घरवालों ने बताया मुर्तजा की मानसिक हालत ठीक नहीं गोरखनाथ मंदिर हमले में आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी के घरवालों का कहना है कि उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं है। उसके पिता ने बताया कि वो रोता रहता था, और दुखी रहता था। 2017 से ही उसका मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ है। कई शहरों में उसका इलाज भी चल चुका है। मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण उसकी पत्नी भी उसे छोड़ कर जा चुकी है।
पुलिस ने बताया कि अब तक के पूछताछ में कुछ ऐसे सुराग हाथ लगे हैं जिससे ये लग रहा है कि हमलावर मुर्तजा का यूट्यूब के जरिए ब्रेनवॉश हुआ है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि हमलावर के लैपटॉप से डो जानकारियां मिली है उससे कहा जा सकता है कि यह आतंकी घटना है। एटीएस और एसटीएफ दोनों मिलकर मामले की जांच कर रही है। घटना के विदेशी एंगल की भी जांच की जा रही है। वहीं हमले के दौरान वीरता दिखाने वाले तीन पुलिसकर्मियों को योगी सरकार ने 5-5 लाख रूपये बतौर इनाम के तौर पर देने की घोषणा भी की है।
गोरखपुर मंदिर पर हुए हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर में अवैध रूप से घुसने और सुरक्षाकर्मियों पर हमले का प्रयास अत्यंत दुखद और निंदनीय है। प्रदेश सरकार ने इस घटना की जांच के निर्देश दिए हैं।